किसान इन बातों का रखें खास ख्याल
बदायूँ। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कृषकों को अवगत कराया है कि विगत वर्षो की भॉति संचारी रोग नियंत्रण अभियान चिकित्सा विभाग के साथ साथ शिक्षा विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि विभाग आदि के समन्वय से 01.10.2022 से 31.10.2022 तक चलाया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा जनसहभागिता के माध्यम से जनसामान्य का सहयोग लेकर प्रचार प्रसार ओैर इनसे होने वाली हानियों तथा मानव जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव से जनसमुदाय को अवगत कराते हुए आवासीय घरों एवं उनके आस पास चूहा एवं छछूदर के प्रभावी नियंत्रण हेतु अभियान जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों में चलाया जा रहा है चूकि संचारी रोगों के प्रसार के लिए अन्य कारकों के साथ चूहा एवं छछूदर भी उत्तरदायी है। एक आकलंन के अनुसार चालीस प्रतिशत बीमारी स्क्रव टाईफस के संक्रमण के कारण होती है। जिस हेतु चूहे एवं छछूदर रोग वाहक का काम करते है। तथा इनके अवागवन से इनके ऊपर लगे परजीवी झाड़ियों में चिपक जाते है जिससे मनुष्य में प्रकोप की सम्भावना रहती है ।
स्क्रव टाईफस बीमारी कैसे फैलती है- स्क्रव टाईफस एक बीमारी हे जो औरिएंटिया त्सुत्सुगामुसी वैक्टीरिया के कारण होती हे लोगो में संक्रमित चिगर्स (लार्वा माईट) के काटने से फैलता है। इसे बुस टाईफस के नाम से भी जाना जाता हे। यह एक वैक्टर जनित बीमारी है। यह समय के साथ साथ सैट्ल नर्वस सिस्टम, कार्डियों वस्कुलर सिस्टम, गुर्दें, सॉस से जुड़ी ओैर गैस्ट्रोइन्ट्रेस्टाइनल सिस्टम को प्रभावित करता है। कई मामलों में मल्टीआर्गन फेल्योर से रोगी की मौत भी हो सकती हें।
लक्षण-इसके लक्षणों में बुखार व ठंड लगना शामिल है। इसके बाद सिर दर्द, शरीर में दर्द और मांस पेशियों में दर्द होता है। कुछ रोगियों के जोडों में दर्द होता है जो चिकनगुनिया का लक्षण हैं।
इलाज-एक्सपर्टस के अनुसार यदि कोई स्क्रव टायफस से संक्रमित हो जाता है तो उस व्यक्ति को एंटीवायोटिक डॉक्सीसाइक्लिन से इलाज करना चाहिये। इससे पीडित व्यक्ति एक सप्ताह में ठीक हो जाता है।













































































