वित्तीय साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा पर सेमिनार आयोजित हुआ डिजिटल युग में निवेश सुरक्षा छात्रों के लिए अति आवश्यक- श्रुति
शाहजहाँपुर। स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग , नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) तथा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के संयुक्त तत्वाधान में प्रतिभूति बाजार में विनियोग: जागरूकता व सुरक्षा विषय पर सेमिनार का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वाणिज्य विभागाध्यक्ष व उप-प्राचार्य प्रो. अनुराग अग्रवाल ने माँ सरस्वती के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर किया। मुख्य वक्ता नियामक विभाग, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज उत्तर प्रदेश क्षेत्र की प्रभारी सीएस श्रुति शर्मा ने वित्तीय साक्षरता व साइबर क्राइम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय साक्षरता का अर्थ केवल धन कमाना नहीं, बल्कि आय, बचत, बजट, निवेश और जोखिम की समझ विकसित करना है। सही वित्तीय ज्ञान युवाओं को विवेकपूर्ण निर्णय लेने, अनावश्यक ऋण से बचने तथा भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होता है। शेयर बाजार निवेश का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो दीर्घकालिक धन सृजन का अवसर प्रदान करता है। किंतु इसमें निवेश करते समय धैर्य, शोध और जोखिम प्रबंधन की समझ आवश्यक है। बिना पर्याप्त जानकारी के किसी भी निवेश योजना में धन नहीं लगाना चाहिए निवेश से पूर्व विश्वसनीय स्रोतों से मार्गदर्शन प्राप्त कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड आज एक गंभीर चुनौती बन चुका है। फिशिंग, फर्जी कॉल, नकली केवाईसी अपडेट और आकर्षक निवेश प्रस्ताव जैसे धोखाधड़ी के तरीके तेजी से बढ़ रहे हैं। अतः सभी को सतर्क रहना चाहिए । किसी भी अनजान लिंक या संदेश पर प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए और अपनी व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए।
प्रो. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि वित्तीय जागरूकता, अनुशासन और डिजिटल सावधानी अपनाकर युवा न केवल अपनी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं, बल्कि एक जिम्मेदार एवं सुरक्षित निवेश संस्कृति का निर्माण भी कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रूपक श्रीवास्तव ने किया। इससे पूर्व डॉ बरखा सक्सेना ने पुष्प कालिका भेंट कर मुख्य वक्ता का सम्मान किया। कार्यक्रम में डॉ आदित्य सिंह, डॉ देवेंद्र सिंह, डॉ कमलेश गौतम, डॉ गौरव सक्सैना, डॉ अजय कुमार वर्मा, डॉ राम शंकर पाण्डेय, डॉ प्रमोद यादव, डॉ बलबीर, डॉ. पूजा वाजपेयी, डॉ. अर्चना गर्ग, डॉ पदमजा मिश्रा, डॉ. संतोष प्रताप सिंह, डॉ सचिन खन्ना, बृजलाली चौबे, अपर्णा त्रिपाठी, डॉ मोहनी शंकर, पोथीराम, अखंड प्रताप सिंह आदि शिक्षक उपस्थित रहे।













































































