मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत कुमार भारती ने उझानी कोतवाल को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है उच्च न्यायालय इलाहाबाद मैं क्रिमिनल रिवीजन लंबित है जिसमें उस मामले के विपक्षी को नोटिस तामिल हेतु पैरोकार के माध्यम से 27 सितंबर को भेजा गया था लेकिन उझानी कोतवाल द्वारा नोटिस की तामील रिवीजन करता पर ना करा कर उसके भाई पर करा दिया गया कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि जानबूझकर रिवीजन कर्ता को अनुचित लाभ प्रदान कराने के आशय से विपक्षी पर नोटिस की तमील न कराकर उसके भाई पर तामिल कराया जो की घोर आपत्तिजनक है और उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश की घोर अवहेलना है सी जे एम नवनीत भारती ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए उझानी कोतवाल को 3 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से तलब कर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है कि क्यों ना इस संबंध में दंडात्मक कार्रवाई की जाए