बूस्टर डोज का फर्जीबाड़ा नही थम रहा,तीन और लोगो का बगैर डोज लगे सार्टिफेक्ट आया
सरकारी वकील और महिला डिग्री कालेज की प्राचार्य समेत तीन लोगो के फर्जी बूस्टर डोज का खेल
यूपी के जनपद बदायूं में इन दिनों बूस्टर डोज का फर्जीबाड़ा थमने का नाम नही ले रहा है। रोज नए नए मामले उजागर हो रहे है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर बूस्टर डोज का फर्जीबाड़ा करने वालो के खिलाफ करवाई व् जाँच के बजाय उलटे फर्जीबाड़ा उजागर करने वालो को हड़का रहे है,और डोज लगवाने के लिए अस्पताल बुला रहे है। इस तरह फर्जीबाड़ा करने वालो को साफ बचाया जा रहा है। कल हमने हैरिटेज होटल के मैनेजर अलोक और उनकी पत्नी संगीता के फर्जी बूस्टर डोज का मामला उजागर किया था। आज उनके पास स्वास्थ्य विभाग से फोन आया और कहा गया आपने यह फर्जीबाड़ा सार्वजनिक क्यों किया,कल अस्पताल आये आपके बूस्टर डोज लगा दी जाएगी।
इसी तरह से शहर निवासी सरकारी अधिवक्ता प्रदीप भारती के मोबाइल फोन पर भी बगैर बूस्टर डोज लगवाये ही डोज लगने का सर्टिफिकेट आ गया। वह खुद अचरज में है कि वह डोज लगवाने कही नही गए और उनके बूस्टर डोज लग गई।
सहसवान के डीपी स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ शुभ्रा माहेश्वरी 26 अगस्त को अपने साथियो के साथ बस से बरेली युनिवर्सटी जा रही थी,वह सुबह 9.40 बजे बस में थी और उनके फर्जी ढंग से बूस्टर डोज लग गई। उनके मोबाईल पर बगैर बूस्टर डोज लगे ही सर्टिफिकेट डोज लगने का आ गया।
नेट मार्केटिंग का काम करने वाले मोहम्मद अजहर अपने घर पर बैठे हुए थे और उनके रिसोली स्वास्थ्य केंद्र में फर्जी ढंग से बूस्टर डोज लग गई। उनके मोबाईल फोन पर भी बूस्टर डोज लगने का सर्टिफिकेट आ गया तो वह चौक गए कि बगैर बूस्टर डोज लगवाये ही उनके डोज लग गई।
ऐसे फर्जीबाड़ा से कोरोना से कैसे मुकावला करेंगे और कैसे प्रधानमन्त्री की मंशा पूरी होगी। कल प्रदेश के उप मुख्यमन्त्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक जनपद के दौरे पर आ रहे है ओर दूसरी और बूस्टर डोज का फर्जीबाड़ा चरम पर पहुच रहा है। लगता हे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियो व कर्मचारियों को शासन प्रशासन का डर नही है।
















































































