महाशिवरात्रि से एक दिन पहले कछला गंगा घाट हुआ शिवमय
हर ओर कावड़ियों की भीड़,बम बम भोले की गूंज
बरेली-मथुरा हाइवे,नगर-उपनगरों की सड़कों पर कावंड़िये और भोलेनाथ की आकर्षक झांकिया दिनभर और रात भर निकलती रही
उझानी।महाशिवरात्रि पर जिले और आसपास के जिलों से हजारों कांवड़ियों ने कछला गंगा घाट पहुंचकर जल भरा और भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए मंदिरों की ओर रवाना हुए।वहीं जगह-जगह मेला और शिवालयो पर विशेष धार्मिक आयोजनों की तैयारी पूरी की गई।कस्बे के प्रमुख शिवालयों में आज भगवान शंकर समेत देव-प्रतिमाओं को नये आभूषणों व वस्त्रों से सजाया गया है।बदायूं के विरुआबाडी मंदिर, हरप्रसाद शिवालय और गौरी शंकर मंदिर में कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।वहीं शिव भक्तों ने पूजा-अर्चना के लिए वस्तुएं जुटा ली हैं।उझानी कस्बे के गली-मौहल्ले के शिवालयों में भी शिव भक्तों ने महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक की तैयारियां की हैं।उझानी के बड़े महादेव मंदिर, पुरानी अनाज मंडी का शिवालय और बुर्रा अहिरवारा का प्राचीन शिव मंदिर में पूजा अर्चना और जलाभिषेक के लिये पूरी तैयारियां कर ली गयी हैं।मंगलवार को महाशिवरात्रि पर श्रृद्वालु भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
महाशिवरात्रि के दिन बेलपत्र, भांग, धतूर, गन्ना, गंगाजल आदि से शिवलिंग पर जलाभिषेक करने पर भक्तों को विशेष फल मिलता है। वहीं युवतियां व्रत रखकर महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान भोलेनाथ से मनचाहा वर की कामना करती हैं। महाशिवरात्रि पर्व सुबह 11:28 बजे परिध योग बन रहा है। ज्यातिशास्त्र के अनुसार इस योग के दौरान कोई भी शुभ कार्य न करें। इसके बाद शिव योग लग जाएगा। शिव योग में किए गए सभी कार्य में सफलता प्राप्त होती है। महिलाएं व पुरुष भगवान शंकर की विधि विधान से पूजा अर्चना करें। जिससे उनकी सभी मनोकामना पूर्ण हो। इस साल महाशिवरात्रि पर ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन शनिदेव की राशि मकर में शनि, बुद्ध, मंगल, शुक्र और चंद्रमा विराजमान रहेंगे। जबकि सूर्यदेव, गुरुग्रह व कुम्भ राशि में संचार कर रहे हैं। ग्रहों से शुभ संयोग से सभी लोगों के जीवन में खुशियां लेकर आएगा।














































































