बिल्सी। तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में आर्य समाज के तत्वावधान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम यज्ञ किया गया। सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा सबसे बड़ा विज्ञान का चमत्कार तथा धरती का प्रथम आविष्कार तो यज्ञ है, अग्नि में डाली गई एक मिर्च या थोड़ी सी हींग सैकड़ों वर्ग फिट में फैल करके हजारों लोगों को प्रभावित करती हैं, इसी तर्ज पर ऋषियों ने अग्निहोत्र का आविष्कार किया। यह संसार की सबसे उत्तम चिकित्सा पद्वति है। आचार्य संजीव रूप ने कहा कि आज विज्ञान के कारण ही सुई से लेकर हवाई जहाज तक हमने बनाई है और संसार उसका लाभ ले रहा है, वैज्ञानिक ही सब प्रकार की भौतिक उन्नति करके सबको सुखमय संसार देते हैं, सोचो यदि कार ना होती, साइकिल ना होती, बल्ब ना होता, मोबाइल न होता टीवी ना होती तो यह संसार कैसा होता? नोबेल पुरस्कार विजेता सी वी रमन को नमन करते हुए प्रज्ञा आर्य ने कहा “हर चीज में विज्ञान है हम जिस घर में रहते हैं उसमें विज्ञान के चमत्कार विद्यमान रहते हैं! इस अवसर पर आर्य संस्कारशाला गुरुकुल के बच्चों ने चित्र बनाएं तथा उन्हें पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में राकेश आर्य,प्रश्रय आर्य, मोना रानी, तानिया रानी, अंजलि रानी, कौशिकी रानी, विचित्र पाल सिंह, अनिल कुमार उपाध्याय, मनोज कुमार, विनीत कुमार सिंह आदि मौजूद रहे