बदायूँ में छोटे भाई का अवैध मेडिकल स्टोर पकड़ा,तो बड़े भाई ने ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ साजिश रची?
बदायूँ। कादरचौक क्षेत्र के ककोड़ा गांव स्थित श्रद्धा मेडिकल स्टोर से जुड़े करीब दो साल पुराने एक निरीक्षण के वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ड्रग विभाग के अधिकारी ने इसे अपने विरुद्ध दबाव बनाने और छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है। ड्रग इंस्पेक्टर लवकुश प्रसाद ने कहा कि वीडियो में रुपये के लेनदेन का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि वीडियो की वास्तविकता संदिग्ध प्रतीत होती है। उन्होंने वीडियो को एआई अथवा अन्य माध्यम से तैयार कर छेड़छाड़ किए जाने की आशंका जताते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही है।ड्रग इंस्पेक्टर लवकुश प्रसाद के अनुसार ककोड़ा गांव स्थित संबंधित मेडिकल स्टोर का उन्होंने 27 जुलाई 2024 को विभागीय टीम के साथ निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान दवाओं के दो सैंपल लिए गए थे तथा ड्यूल एच-1 रजिस्टर मौके पर उपलब्ध नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि निरीक्षण और कार्रवाई से संबंधित विवरण विभागीय अभिलेखों में दर्ज है। उस समय दुकान पर ग्राहक भी मौजूद थे।उन्होंने वायरल वीडियो में दिख रहे विभागीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पहचान मोहर सिंह के रूप में बताते हुए कहा कि वह इसी वर्ष जून माह में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनका कहना है कि वीडियो में वह स्वयं निरीक्षण करते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन रुपये के किसी लेनदेन की बात वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती।लवकुश प्रसाद ने सवाल उठाया कि यदि वीडियो वास्तविक था और उस समय निरीक्षण के दौरान कोई गलत कार्य हुआ था तो उसे तत्काल अथवा उसके कुछ समय बाद सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि करीब दो वर्ष बाद, उस समय वीडियो वायरल किया जा रहा है जब संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक के छोटे भाई के विरुद्ध विभाग ने कार्रवाई की है।उन्होंने बताया कि 19 अगस्त को जोरी नगला गांव में उनके द्वारा धीरेंद्र का कथित अवैध मेडिकल स्टोर पकड़ा गया था। कार्रवाई के दौरान करीब 50 हजार रुपये की दवाएं सीज की गईं और विभागीय अभिलेखों में कार्रवाई पूरी की गई। ड्रग इंस्पेक्टर का आरोप है कि इस कार्रवाई को समाप्त कराने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और इसी दबाव की रणनीति के तहत उनके बड़े भाई हरिओम द्वारा करीब दो वर्ष पुराने निरीक्षण के वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित कराया जा रहा है।ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि वायरल वीडियो के माध्यम से उनकी छवि खराब करने, अनैतिक दबाव बनाने और ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने वीडियो की सत्यता की जांच कराए जाने की बात कहते हुए कहा कि यदि वीडियो फर्जी अथवा एडिटेड पाया जाता है तो उसे वायरल करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्रवाई अभिलेखों और नियमानुसार की गई है तथा किसी दबाव में उसे प्रभावित नहीं किया जाएगा। उंन्होने कहा बड़ा भाई अपने छोटे भाई को बचाने के लिए सरकारी विभागीय कार्रवाई व जांच को प्रभावित करने का लगातार प्रयास कर रहा है।
















































































