मिशन इंग्लिश हाई स्कूल में देर रात ताले तोड़कर कब्जे की कोशिश का आरोप, निदेशक ने SSP से दोबारा लगाई सुरक्षा व न्याय की गुहार
बदायूं। शहर के मिशन इंग्लिश हाई स्कूल में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलने से ठीक पहले देर रात कथित रूप से ताले तोड़कर कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। स्कूल की संचालिका एवं निदेशक शोभा फ्रांसिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि मोहिनी वैलिंग्टन,रीतिका वैलिंग्टन तथा उनके 8-10 साथियों ने 30 जून की शाम से देर रात तक स्कूल परिसर में घुसकर पुराने ताले तोड़ दिए, नए ताले लगा दिए और चौकीदार के परिवार को धमकाकर परिसर खाली कराने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के कारण लगभग 300 विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हुई और स्कूल में अवकाश घोषित करना पड़ा। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्होंने एक बार फिर एसएसपी से सुरक्षा और न्याय की मांग की है।शोभा फ्रांसिस ने अपने शिकायत पत्र में पूरे विवाद का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि स्कूल की भूमि और संचालन को लेकर विवाद कई वर्षों से चला आ रहा है। उनके अनुसार वर्ष 2000 में स्कूल के नाम से हस्तलिखित खसरा-खतौनी तैयार की गई और वर्ष 2015 में भू-अभिलेखों में परिवर्तन कर नाम बदल दिया गया। वर्ष 2021 में चर्च की संपत्ति को कथित रूप से पट्टे के माध्यम से बेचने का मामला सामने आया, जिसके बाद चर्च के प्रतिनिधियों ने वर्ष 2022 में सिविल वाद दायर किया। शिकायत के अनुसार इसी दौरान मोहिनी वैलिंग्टन को स्कूल संचालन के लिए दी गई अनुमति भी समाप्त कर दी गई।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2024 और 2025 के दौरान स्कूल संचालन को लेकर विभिन्न अनुबंध किए गए, जबकि जुलाई 2025 में रीतिका वैलिंग्टन और एक क्लर्क पर लाखों रुपये के कथित गबन का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। इसके अलावा निषेधाज्ञा सहित कई अन्य वाद भी बदायूं की अदालतों में विचाराधीन बताए गए हैं।ताजा शिकायत के अनुसार 1 जुलाई 2026 को स्कूल खुलना था, लेकिन उससे एक रात पहले कथित रूप से आरोपित पक्ष अपने सहयोगियों के साथ स्कूल पहुंचा। आरोप है कि मैकेनिक बुलाकर पुराने ताले तोड़े गए, नए ताले लगाए गए तथा चौकीदार महेन्द्र सिंह, उनकी पत्नी सरिता और उनके छोटे बेटे को स्कूल परिसर छोड़ने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, पीने के पानी और शौचालय पर भी ताले लगा दिए गए तथा मुख्य द्वार पर रातभर बैठकर शिक्षकों और विद्यार्थियों में भय का माहौल बनाने का प्रयास किया गया।शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के दौरान दो बार पुलिस को सूचना दी गई और थाना पुलिस मौके पर भी पहुंची, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी दावा किया है कि घटना के वीडियो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मोबाइल पर भेजे जा चुके हैं, बावजूद इसके अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
शोभा फ्रांसिस ने एसएसपी से मांग की है कि न्यायालय का अंतिम निर्णय आने तक दोनों पक्षों तथा स्वयं को मालिक बताने वाले व्यक्तियों के स्कूल परिसर में प्रवेश पर रोक लगाई जाए, ताकि विद्यालय का संचालन शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में हो सके। साथ ही उन्होंने अपने परिवार, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि कुछ लोग बच्चों के शिक्षा के अधिकार को प्रभावित कर उनके भविष्य से खिलवाड़ करना चाहते हैं।शिकायत के अनुसार स्कूल एवं सोसाइटी से जुड़े कई मामले बदायूं की अदालतों और हाईकोर्ट में पहले से लंबित हैं। इनमें विभिन्न सिविल वाद और रिट याचिकाएं शामिल हैं, जिन पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है।फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।















































































