13 सितम्बर से शुरू होगा उर्से शाहदाना वली
बरेली । दरगाह शाहदाना वली परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया कार्यक्रम के संबंध में दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद नूरी ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कल 13 सितम्बर को परचम कुशाई से होगा उर्स ए शाहदाना वली का आगाज़ परचम का जुलूस लाल मस्जिद हाजी अजर बेग के निवास से चलेगा जो दरगाह आला हज़रात पर सलाम पेश करके बिहारीपुर नॉवल्टी चौराहा कुमार टॉकीज आजमनगर सो गोपीनाथ शाहमतगंज होता हुआ दरगाह शाहदाना वली पहुंचेगा,जहा दरगाह ए आला हजरत के सज्जादा नशीन अल्लमा मुफ़्ती अहसान रज़ा कादरी अपने दस्ते मुबारक से करेंगे परचम कुशाई की रस्म अदा कर दरगाह पर चादर व गुल पोशी कर दुआए खैर करेंगेबाद नमाज़े ईशा रात 9 बजे से दिनी सवाल जवाब किये जायेंगे सही जवाब देने वाले बच्चो को इनाम से नवाजा जाएगा।
जिस की सरपरस्ती जा नाशीने तहसीने मिलत अली जनाब सूफी रिज़वान रजा खा करेंगे, निज़ामत मौलाना आला उद्दीन साहब करेंगे।
14 को मेहबूब सबरी व मरहूम अब्दुल करीम के निवास चक चुंगी से जुलूस ए गागर चलेगा जो अपने कदमी रास्तो से होता हुआ दरगाह पहुंचेगा जिस की कयादत सूफी रिजवान रजा खां करेंगे निगरानी अब्दुल वाज़िद खा नूरी बब्बू मिया करेंगे रात में नातो मनकबत की मेफिल होगी 1,40 पर हुज़ूर मुफ़्ती ए आज़म में हिन्द का कुल शरीफ होगा ,15,को बाद नमाज़े ईशा रात 9 बजे से महफिले समा 16, को ठिरिया निजामत खा से चादरों का जुलूस चलेगा जो अपने परंपरागत रास्ते से होता हुआ दरगाह पहुंचेगा। रात 9:00 बजे महफिल समा होगी ,17 सितम्बर बाद नमाजे असर शाम 5:30 बजे कुतुबे ए बरेली हज़रात सरकार शाहदाना वली का कुल शरीफ होगा रात 9 बजे से महफिले समा ।18, को बाद नमाजे असर शाम 5:30 बजे हजरत केले शाह बाबा का कुल शरीफ होगा रात में महफ़िले समा,19 सितम्बर को सुबह 10:30 बजे सय्यद बाबा का कुल शरीफ होगा इसी के साथ सात रोज़ उर्स का समापन होगा।मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने बताया दरगाह शाहदाना वली की जानिब से गरीब बच्चियों की शादी कराई जाएगी उर्स के मुबारक मौके पर इसकी घोषणा की जाएगी उर्स की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है बस नगर निगम की सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है जगह-जगह गन्दगी है इससे आने वाले जायरीनों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता हैप्रोग्राम में मुख्य रूप से वसी अहमद,युसूफ इब्राहिम,गफूर पहलवान,मिर्ज़ा शाहाब बेग,तौसीफ खा,खलील कादरी,महबूब साबरी, अकरम वारसी,फरीद खा, शान खा,सईद खा,मिर्ज़ा मुकर्रम बेग,इरफान गोसी, जावेद खा, गुल्लन खा, अकरम दान,भूरा सबरी, हाफिज खा,आदि सहित बड़ी तादात में लोग मौजूद रहे।
















































































