साइबर थाना बरेली की बड़ी सफलता: तीन पीड़ितों के 34 लाख रुपये कराए वापस
बरेली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम थाना बरेली ने साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के कुल 34 लाख 1 हजार 995 रुपये वापस कराए हैं। तकनीकी साक्ष्यों, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) तथा विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से धनराशि को होल्ड कराकर न्यायालय के आदेश पर पीड़ितों के खातों में रिवर्स कराया गया।पहले मामले में किला क्षेत्र निवासी गौरव शर्मा के व्हाट्सएप पर गैस कनेक्शन रिन्यूअल का फर्जी लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और खाते से 11,90,921 रुपये निकाल लिए गए। साइबर थाना ने जांच के दौरान रकम का ट्रेल खोजकर संबंधित खातों को होल्ड कराया और पूरी राशि पीड़ित को वापस दिलाई।दूसरे मामले में उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग निवासी तथा भारतीय सेना में नायब सूबेदार प्रदीप सिंह कंडारी प्रशिक्षण के लिए बरेली आए थे। उनके मोबाइल को हैक कर साइबर अपराधियों ने बैंक खाते से 5,11,074 रुपये निकाल लिए। विवेचना में पता चला कि ठगी की रकम विभिन्न लोन खातों में समायोजित की गई थी। साइबर पुलिस ने बैंकिंग संस्थानों के समन्वय से पूरी धनराशि वापस कराई।
तीसरे मामले में इज्जतनगर निवासी राजेश कुमार से निवेश के नाम पर 17 लाख रुपये की ठगी की गई थी। जांच में धनराशि विभिन्न लाभार्थी खातों में ट्रांसफर होना पाया गया। साइबर थाना ने रकम को होल्ड कराकर न्यायालय के माध्यम से पीड़ित के खाते में पूरी राशि वापस कराई।तीनों मामलों में धनराशि वापस मिलने पर पीड़ितों ने बरेली पुलिस और साइबर थाना टीम का आभार व्यक्त किया। वहीं, साइबर अपराध में शामिल आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस की अपील:बरेली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in� पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को होल्ड कर वापस कराने की कार्रवाई की जा सके।















































































