वन महोत्सव सप्ताह: बदायूं में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का शुभारंभ, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
बदायूं। वन महोत्सव सप्ताह (1 जुलाई से 7 जुलाई) के अंतर्गत होपयूनिटी हेल्पिंग वेलफेयर फाउंडेशन एवं जिला गंगा समिति के संयुक्त तत्वावधान में विकास खंड जगत के ग्राम पड़ौआ स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण गोष्ठी, वृक्षारोपण एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डीपीओ नमामि गंगे एवं वन प्रभाग, बदायूं के निर्देशन में किया गया।कार्यक्रम के दौरान संस्था द्वारा संचालित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत ‘हर दिन, हर घर पौधारोपण’ अभियान का शुभारंभ विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छात्र-छात्राओं के बीच पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 10 प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सभी छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण, अधिक से अधिक वृक्षारोपण तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण को सुरक्षित एवं समृद्ध बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ भी ग्रहण की।
संस्था की निदेशक डॉ. कृष्णा सिंह ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर वृक्ष के रूप में विकसित करना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता और हर व्यक्ति को इस अभियान से जुड़ना चाहिए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य धर्मपाल ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान संस्था की स्वयंसेवी एवं बी.टेक. छात्रा शिवांशिका सिंह ने जलवायु परिवर्तन, बढ़ते पर्यावरणीय संकट तथा उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को जागरूक किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं तथा संस्था के सदस्य मनोज कुमार सिंह, धीरेंद्र कुमार, कुमकुम, मंजुल सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। आयोजन के अंत में सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प दोहराते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।















































































