बरेली। मुकद्दस सफर-ए-हज मुकम्मल कर सकुशल अपने वतन लौटे हाजी हसीन मियाँ वारसी का मोहल्ला जसौली में गर्मजोशी के साथ इस्तकबाल किया गया। बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक एवं समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी ने बताया कि बरेली से हज पर गए सभी हज यात्रियों की सकुशल वतन वापसी हो चुकी है।इसी कड़ी में इंजीनियर अनीस अहमद खां ने उन्हें फूलों का हार पहनाकर मुबारकबाद दी और उनकी खुशहाली की दुआ की। जिंदगी का सबसे हसीन सफर: हाजी हसीन मियाँ इस मसर्रत (खुशी) के मौके पर हाजी हसीन मियाँ वारसी, जो अपनी पत्नी सीमा बी के साथ हज पर गए थे, उन्होंने अपने रूहानी सफर के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा: ”हज का सफर जिंदगी का सबसे हसीन और पाकीजा सफर है। मक्का मुअज्जमा और मदीना मुनव्वरा की सरजमीं पर जो दिली सुकून मिलता है, उसे लफ्जों में बयां नहीं किया जा सकता। मैंने वहां मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की और भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगी हैं। अल्लाह हर मोमिन को मक्का-मदीना का दीदार नसीब फरमाए।”हाजी हसीन मियाँ वारसी के वतन वापसी पर उन्हें बधाई देने वालों का ताँता लगा रहा। इस खास मौके पर मुख्य रूप से इंजीनियर अनीस अहमद ख़ाँ,पम्मी ख़ाँ वारसी,कदीर अहमद,हाजी उवैस खान,हाजी डॉ कासिमुद्दीन,हाजी सोहेल आफ़ताब,हाजी यासीन कुरैशी सहित इलाके के तमाम गणमान्य लोगों ने भी उन्हें फूलों का हार पहनाकर मुबारकबाद पेश की और उनके हज की कबूलियत के लिए बारगाह-ए-इलाही में दुआएं कीं।