बरेली। बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में शनिवार को वट सावित्री व्रत के अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाओं ने अपने पति और परिवार की सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखकर पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने मंदिर के शिवालय में विधि-विधान से पूजन कर वट वृक्ष की परिक्रमा क मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि बाबा त्रिवटीनाथ महादेव का यह प्राचीन मंदिर अपनी विशेष धार्मिक मान्यता के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के शिवालय में तीन वट वृक्ष स्थित हैं, जिनके मध्य स्वयंभू बाबा त्रिवटीनाथ महादेव लगभग 700 वर्षों से विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा दुर्लभ संयोग किसी अन्य मंदिर में देखने को नहीं मिलता, जहां तीनों वट वृक्षों के साथ भगवान शिव का निवास हो। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में वट वृक्ष को विश्वास और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। पुराणों के अनुसार माता सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे ही यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी मान्यता के चलते महिलाएं वट वृक्ष का पूजन कर अपने पति और परिवार के मंगल की कामना करती हैं।मंदिर सेवा समिति के प्रताप चन्द्र सेठ, संजीव औतार अग्रवाल, सुभाष मेहरा और विनयकृष्ण अग्रवाल ने आयोजन में सहयोग किया।