बरेली। विश्व हिंदू परिषद की ओर से मध्य प्रदेश के भोजशाला को इंदौर खंडपीठ द्वारा वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर घोषित किए जाने पर रामपुर गार्डन स्थित भारत माता की प्रतिमा के पास आतिशबाजी और मिष्ठान वितरण कर खुशी व्यक्त की गई। इस अवसर पर विहिप महानगर अध्यक्ष आशु अग्रवाल ने कहा कि लगभग एक हजार वर्षों के संघर्ष के बाद हिंदू समाज को न्याय मिला है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1034 में राजा भोज ने सरस्वती सदन के रूप में भोजशाला का निर्माण कराया था, जहां संस्कृत अध्ययन केंद्र भी संचालित होता था। बाद में मुगल आक्रमण के पश्चात वर्ष 1409 से इसे कमाल मौला मस्जिद का नाम देकर विवाद खड़ा किया गया। उन्होंने इसे हिंदू समाज के लिए हर्ष का विषय बताया।महानगर मंत्री संजय शुक्ला ने कहा कि हिंदू समाज ने अपने देव स्थलों को पुनः प्राप्त करने के लिए धैर्यपूर्वक न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखा और अंततः सत्य की जीत हुई। उन्होंने कहा कि देश में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।कार्यक्रम में दिव्य चतुर्वेदी, नीरू भारद्वाज, सौरभ अग्रवाल, विभाग प्रचारक कृष्णा कुमार, पवन सक्सेना, डॉ. विमल भारद्वाज, राजेश पाठक, अंकित कुमार, केवलानंद गौड़, कमलेश वर्मा, गिरधर गोपाल खट्टर, गोपाल रस्तोगी, हिमांशु अग्रवाल, अलंकृत सक्सेना, पुनीत अरोड़ा, परम केसवानी, सौरभ तिवारी और उत्कर्ष अग्रवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।