बरेली । श्री राम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज में आयोजित “पीडिया सेफ एनेस्थीसिया अपडेट 2026” में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों के इलाज और ऑपरेशन के दौरान विशेष सावधानी बरतने पर जोर दिया। एनेस्थेसियोलॉजी, क्रिटिकल केयर एवं पेन मैनेजमेंट विभाग की ओर से आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में चिकित्सकों, डेलीगेट्स और रेजीडेंट्स को आधुनिक तकनीकों और रिसर्च की जानकारी दी गई।कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति ने कहा कि बच्चों का शरीर दवाइयों और जांचों के प्रति अधिक संवेदनशील होता है, इसलिए उनके उपचार में विशेष सतर्कता जरूरी है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को लगातार सीखते रहना चाहिए और नई तकनीकों व रिसर्च से अपडेट रहना आवश्यक है, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। मुख्य अतिथि लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की पीडियाट्रिक एवं निओनेटल विभाग की डायरेक्टर डॉ. अंशु गुप्ता ने कहा कि बच्चों की सर्जरी में एनेस्थीसिया विभाग की भूमिका बेहद संवेदनशील होती है और इसमें अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता होती है। वहीं वर्कशॉप डायरेक्टर और यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के एनेस्थिसियोलॉजी एवं पेन मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर डॉ. अंशुमान मिश्रा ने इसे चिकित्सकों के लिए सीखने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने बच्चों में ऑपरेशन से पहले की तैयारी, पीडियाट्रिक एयरवे, फ्लूड थेरेपी, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, क्षेत्रीय एनेस्थीसिया और इमरजेंसी प्रबंधन जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए। आयोजन की ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. गीता कार्की ने सभी का स्वागत किया, जबकि ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. दिव्या विजय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. एमएस बुटोला, डायरेक्टर आदित्य मूर्ति, डीन पीजी डॉ. एसके सागर, डीन यूजी डॉ. बिंदु गर्ग सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य और पीजी विद्यार्थी उपस्थित रहे।