बदायूं में बीज व्यापारियों की हड़ताल, बंद रहीं दुकानें,सरकार के नियमों के खिलाफ जताया विरोध
बदायूं। जनपद में उत्तर प्रदेश बीज व्यापार सेवा समिति के आवाहन पर सोमवार को बीज व्यापारियों ने एकजुट होकर अपनी दुकानों को बंद रखा और सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारी संघ के समर्थन में जिले भर की बीज, खाद और कीटनाशक की दुकानों पर ताले लटके रहे, जिससे बाजार में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
व्यापारियों का कहना है कि सरकार द्वारा बनाए गए कुछ नियम व्यवहारिक नहीं हैं और इससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। इसी के विरोध में एक दिवसीय हड़ताल कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में व्यापारियों ने प्रमुख रूप से मांग की कि एक से अधिक जनपदों में कारोबार करने वाले व्यापारियों को प्रदेश निदेशालय स्तर से अलग-अलग लाइसेंस लेने की बाध्यता को समाप्त किया जाए। उन्होंने इसे असंवैधानिक और व्यापार के लिए बाधक बताया।
इसके अलावा, बीज के जमाव (गर्मिनेशन) मानक से कम पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया को भी स्पष्ट और न्यायसंगत बनाने की मांग उठाई गई। व्यापारियों का कहना है कि कई बार तकनीकी कारणों से ऐसी स्थिति बनती है, जिसमें विक्रेता को अनावश्यक रूप से दोषी ठहराया जाता है।
खाद की आपूर्ति को लेकर भी व्यापारियों ने अपनी समस्या रखी। उन्होंने कहा कि खाद की डिलीवरी सीधे विक्रेता की दुकान तक सुनिश्चित की जाए, ताकि वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
सील बंद बोरी या कंटेनर से नमूना लेने के बाद यदि उसमें कोई कमी पाई जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी विक्रेता पर न डालने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। व्यापारियों का कहना है कि सील बंद माल में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के लिए निर्माता या सप्लायर जिम्मेदार होना चाहिए।
साथ ही, ‘साथी’ और आईपीएमएस पोर्टल के माध्यम से खरीद पर मिलने वाले अनुदान को सरल बनाने और इसे निचले स्तर पर लागू न करने की भी मांग की गई। व्यापारियों का कहना है कि जटिल ऑनलाइन प्रक्रियाओं के कारण छोटे व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा प्रस्तावित सीड बिल 2025 को जल्द से जल्द सरल और व्यापारियों के अनुकूल बनाने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।
बदायूं बीज व्यापारी सेवा समिति के जिलाध्यक्ष विपिन अग्रवाल ने कहा कि सरकार को व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए और जल्द ही सभी मांगों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस हड़ताल और विरोध प्रदर्शन से साफ है कि बीज और कृषि से जुड़े व्यापारी अब अपनी समस्याओं को लेकर एकजुट हो चुके हैं और समाधान न मिलने पर आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में हैं।















































































