यूपी बोर्ड रिजल्ट: बरेली में बेटियों का दबदबा, इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज की दिव्यांग छात्रा ने पेश की मिसाल,
बरेली । यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम घोषित होने के साथ ही बरेली मंडल में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस बार के परिणामों ने न केवल शिक्षा की गुणवत्ता पर मुहर लगाई है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि कड़े प्रशासनिक पहरे और सीसीटीवी की निगरानी में ‘नकल माफियाओं’ के वर्चस्व का अंत हो चुका है। बरेली परिक्षेत्र में जहाँ बेटियों ने टॉप-10 में जगह बनाकर अपनी मेधा का लोहा मनवाया, वहीं इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज की एक दिव्यांग और अनाथ छात्रा ने 75% अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे शारीरिक अक्षमता और अभाव भी छोटे पड़ जाते हैं।
बरेली परिक्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव मुन्ने अली ने आधिकारिक आँकड़े जारी करते हुए बताया कि इस वर्ष हाईस्कूल में 89.33% और इंटरमीडिएट में 82.67% विद्यार्थी सफल रहे हैं। क्षेत्र का गौरव बढ़ाते हुए रश्मि ने यूपी की टॉप-10 सूची में छठा स्थान हासिल किया, जबकि रजनी सिंह और शिवानी ने 96.5% अंकों के साथ प्रदेश में आठवाँ स्थान प्राप्त किया। इंटरमीडिएट में सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज की नंदिनी गुप्ता और सुरभि गुप्ता ने प्रदेश में दूसरा और तीसरा स्थान पाकर बरेली का नाम रोशन किया है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति और जिला, क्षेत्र व राज्य स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम की सघन मॉनिटरिंग के कारण ही परीक्षाएं पूरी तरह नकलविहीन और सुचितापूर्ण संपन्न हुईं।इधर, इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य जमन जहां ने विद्यालय के शानदार प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि उनके यहाँ इंटर का परिणाम शत-प्रतिशत और हाईस्कूल का 85% से अधिक रहा है। इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि एक ऐसी दिव्यांग छात्रा की सफलता रही, जिसके माता-पिता का साया सिर से उठ चुका है। प्रधानाचार्य के अनुसार, शिक्षकों ने दो साल तक छात्रा के साथ विशेष मेहनत की, उसे हाथ पकड़कर लिखना सिखाया और व्यावसायिक विषयों में पारंगत किया, जिसका सुखद परिणाम 75% अंकों के रूप में सामने आया है। उन्होंने बताया कि माफियाराज और नकल के दौर को पीछे छोड़ अब हर क्लासरूम सीसीटीवी से लैस है, जहाँ एक भी विद्यार्थी के आने पर शिक्षक पूरी तन्मयता से अध्यापन कार्य करते हैं। सामूहिक प्रयास, नियमित उपस्थिति और कड़ी निगरानी ने इस सफलता की इबारत लिखी है।















































































