शाहजहांपुर। शुद्ध वायु सेवन करने से श्वसन प्रणाली मजबूत होती है जो हमें अधिक ऑक्सीजन और प्राण शक्ति प्रदान करती है। यह हमें निरोगी और सकारात्मक बनाता है। शुद्ध वायु सेवन करने से दिमाग को अधिक ऑक्सीजन प्राप्त होता है जो हमारी सोच और ध्यान क्षमता को बढ़ाता है। उक्त उदगार स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज में सतत वायु गुणवत्ता निगरानी उपकरण के उद्घाटन के अवसर पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद ने व्यक्त किया। स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि अथर्ववेद में एक जगह लिखा है – ‘अपो वात औषधयः अर्थात वायु और जल पवित्र हैं और प्राकृतिक औषधियों के समान हैं, इसलिए इन्हें स्वच्छ और शुद्ध रखने के साथ ही साथ इसका सतत निगरानी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर आरके आजाद ने कहा कि हवा की गुणवत्ता का असर न केवल आपके स्वास्थ्य पर बल्कि आपके जीवन के अन्य पहलुओं पर भी पड़ता है। आजकल प्रदूषित हवा हर जगह पाई जाती है।दरअसल, सवाल यह नहीं है कि आप प्रदूषित हवा के संपर्क में आएंगे या नहीं, बल्कि यह है कि आप अपने आप को कितनी प्रदूषित हवा के सेवन से बचा सकते हैं। इस अवसर पर रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ आलोक कुमार सिंह ने बताया कि यह उपकरण शाहजहांपुर जिले में प्रदूषण की स्थिति के निगरानी हेतु राज्य सरकार द्वारा मिले शोध अनुदान का हिस्सा है। डॉ सिंह ने बताया कि अभी तक जनपद में वायु गुणवत्ता के सतत निगरानी हेतु कोई प्रमाणित उपकरण नहीं था। यह उपकरण उन्नत सेंसर प्रणालियों पर आधारित है जो वायु की एक्यूआई, पीएम 2.5, पीएम 10, कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, ओजोन, नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर ऑक्साइड सांद्रता का सटीक जानकारी देता है। इस अवसर पर डॉ जयशंकर ओझा, डॉ संदीप दीक्षित, डॉ अमित कुमार, डॉ चन्दन गिरि गोस्वामी, मंजीत कुमार, शशांक शेखर, रवि सिंह, सत्यपाल और धर्मेन्द्र उपस्थित रहे।