बाबा त्रिवटी नाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भागवत श्रवण से जीवन का कल्याण संभव : पं. सुरेश शास्त्री
बरेली। शहर के प्राचीन एवं भव्य बाबा त्रिवटी नाथ मंदिर में मंगलवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। वृंदावन से पधारे भागवताचार्य पंडित सुरेश शास्त्री का मंदिर कमेटी के प्रताप चंद्र सेठ एवं मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कथा के प्रथम दिन मंगलाचरण के साथ प्रवचन देते हुए पं. सुरेश शास्त्री ने कहा कि भगवान सच्चिदानंद स्वरूप हैं। उनका स्मरण करने मात्र से मनुष्य के दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों प्रकार के पापों का शमन हो जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत वेद रूपी कल्पवृक्ष का पका हुआ, रसपूर्ण और परम पावन फल है, जिसके श्रवण और मनन से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति एवं मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है।
भागवताचार्य ने कहा कि जिस प्रकार गंगा स्नान से पापों का नाश होता है और शेर की गर्जना से वन के जीव भयभीत होकर भाग जाते हैं, उसी प्रकार श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के दुर्गुणों का नाश कर उसे सद्गुणों के मार्ग पर अग्रसर करता है। उन्होंने श्रद्धा, सत्य और समर्पण को ईश्वर प्राप्ति का आधार बताया।
प्रवचन के दौरान पं. शास्त्री ने गोकर्ण और धुंधकारी का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के प्रभाव से प्रेतयोनि में भटक रहे धुंधकारी का भी उद्धार हो गया था। उन्होंने कहा कि भागवत कथा महापापियों के लिए भी कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है और भगवान का वास्तविक स्वरूप श्रीमद्भागवत महापुराण ही है।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत पुराण की आरती की तथा प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर कमेटी के मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 7 जुलाई से 13 जुलाई तक प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से सावन माह के पूर्व आयोजित इस अमृतमयी कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ लेने की अपील की।
इस अवसर पर मंदिर कमेटी के प्रताप चंद्र सेठ, संजीव औतार अग्रवाल, सुभाष मेहरा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।















































































