बरेली ।कायस्थ सेना कल्याण परिवार की प्रेरणा से वृद्धाश्रम लाल फाटक बरेली में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भी जारी रही ।कायस्थ सेना कल्याण परिवार रजिस्टर्ड के प्रदेश अध्यक्ष आलोक प्रधान एडवोकेट न बताया कि भागवत कथा आचार्य मुमुक्षु कृष्ण दद्दा जी महाराज द्वारा आज तीसरे दिन अपने प्रवचन में श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत कुन्ती स्तुति में भक्ति,भीष्म स्तुति में ज्ञान, और परीक्षित जन्म में कर्म-नियति की दिव्य गाथा है। माता कुन्ती ने कृष्ण से विपत्ति मांगी ताकि भगवान सदैव स्मरण रहें। भीष्म ने बाणों की शय्या से श्रीकृष्ण को सर्वव्यापी प्रभु के रूप में स्तुति अर्पित की। कलयुग के आगमन पर परीक्षित द्वारा उसे स्वर्ग में स्थान देना और ऋषि पुत्र के श्राप से सात दिन में मोक्ष प्राप्त करने की कथा धर्म और नियति का अनूठा उदाहरण है। कथा व्यास ने चतु:श्लोकी भागवत का प्रभावशाली विद्वता पूर्ण वर्णन किया। एवं कपिल देवहूति संवाद के माध्यम से सांख्य योग का वर्णन करते हुए माता देवहूति को दिव्य उपदेश का वर्णन किया।व भक्ति युक्त बालक ध्रुव जी की कथा का दिव्य वाचन किया।भूगोल, खगोल एवं 28 प्रकार के नरकों का वर्णन करते हुए बताया कि जो जीव नरकों के दु:ख से बचना चाहते हैं उन्हें इस कलियुग में केवल भगवान का नाम ही एकमात्र साधन है इसी परिप्रेक्ष्य में कथा व्यास ने भगवन्नाम की महिमा का दिव्य उपदेश दिया। श्रीमद्भागवत कथा के मुख्य यजमान राजेंद्र पाल सिंह एवं सुशील सिंह है आज तीसरे दिन की कथा की आरती के यजमान रविन्द्र नाथ श्रीवास्तव रहे इस अवसर पर प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज सक्सेना (धूप) ,प्रदेश महासचिव श्यामदीप सक्सेना,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आलोक सक्सेना एडवोकेट सुनील कुमार सक्सेना एडवोकेट वरिष्ठ हिंदूवादी नेता डॉ सुबोध अस्थाना जिला अध्यक्ष आलोक सक्सेना महानगर अध्यक्ष अमित सक्सेना मिट्टू एवं वृद्धाश्रम की रचना चौहान ,कांता गंगवार,एम एस यादव आदि मौजूद रहे।