बरेली । मोहल्ला शाहबाद स्थित दरगाह शाह शराफत मियां पर 21वें रमज़ान शरीफ़ के मौके पर अमीरुल मोमिनीन हज़रत मौला अली की याद में अकीदत के साथ फातिहा ख्वानी और रोज़ा इफ्तार का भव्य एहतिमाम किया गया। इस मौके पर उलमा-ए-कराम, दरगाह से जुड़े जिम्मेदारान, अकीदतमंदों और शहर के गणमान्य लोगों की बड़ी तादाद मौजूद रही।कार्यक्रम का आगाज़ तिलावत-ए-कुरआन पाक से हुआ। इसके बाद असर की नमाज के बाद शाम 5:30 बजे हज़रत मौला अली की बारगाह में फातिहा ख्वानी की गई और मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की, भाईचारे तथा इंसानियत की भलाई के लिए ख़ुसूसी दुआएं मांगी गईं।दरगाह शरीफ के सज्जादानशीन हज़रत शाह मोहम्मद गाजी मियाँ हुज़ूर ने फातिहा पढ़ी इस मौके पर हाफ़िज़ गुलाम गौस, सादक़ैन सकलैनी, मौलाना रुमान सकलैनी, मुर्तुज़ा सकलैनी, मुंतसिब सकलैनी, हमज़ा सकलैनी, हसीब रौनक, मोहम्मद उमर, ज़ियाउद्दीन सकलैनी, रफ़ी सकलैनी आदी मौजुद रहे।मग़रिब की अज़ान के साथ रोज़ेदारों के लिए सामूहिक इफ्तार का इंतज़ाम किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर रोज़ा इफ्तार किया।दरगाह परिसर में रूहानी माहौल और अकीदतमंदों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।दरगाह से जुड़े जिम्मेदारान ने बताया कि हर साल 21वें रमज़ान को हज़रत मौला अली की याद में यह रूहानी महफिल और इफ्तार का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दराज़ से आने वाले अकीदतमंद भी शिरकत कर दुआओं से फैज़ हासिल करते हैं।