बदायूं की शिक्षिकाएं मधु प्रिया चौहान और प्रिया रस्तोगी को मिला बिरसा मुंडा स्मृति राष्ट्रीय सम्मान-2026
बदायूं। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुंडा की स्मृति में शिक्षा सागर फाउंडेशन भारत के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ के चंपारण नगर में राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए 185 शिक्षकों, साहित्यकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को बिरसा मुंडा स्मृति राष्ट्रीय सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा सागर फाउंडेशन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश भाई प्रजापति ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जन दृष्टि (व्यवस्था सुधार मिशन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट उपस्थित रहे।समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती, भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों एवं प्रतिभागियों का तिलक एवं बैज लगाकर स्वागत किया गया तथा सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।अपने संबोधन में मुख्य अतिथि हरि प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा कि शिक्षकों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता से ही भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा चिकित्सा उपलब्ध कराना राज्य का दायित्व है। राजकीय विद्यालयों में विषयवार और कक्षावार शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति होने पर ही निजी विद्यालयों की ओर बढ़ता आकर्षण कम होगा।उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का सबसे सम्मानित वर्ग है, लेकिन वर्तमान समय में जिस सम्मान और गरिमा का वह अधिकारी है, वह उसे पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रहा है। यदि विकसित भारत और विश्वगुरु भारत की परिकल्पना को साकार करना है तो गुरुजनों को उनका उचित सम्मान और प्रतिष्ठा प्रदान करनी होगी। साथ ही शिक्षा क्षेत्र में बड़े बजट और संसाधनों की आवश्यकता पर भी बल दिया।समारोह में बदायूं जनपद की शिक्षिकाएं मधु प्रिया चौहान एवं प्रिया रस्तोगी को उनके उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए बिरसा मुंडा स्मृति राष्ट्रीय सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया, जिससे जनपद का गौरव बढ़ा।
कार्यक्रम में शिक्षा सागर फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. शैलेश भाई प्रजापति, नंदी बहुगुणा, प्रेमसखी कुमारी, रवि कुमार वैनिशेट्टी, अरविंद कुमार, बालयोगी, ओसामा, एला पद्मजा, पूरनलाल साहू, मनोज कुमार, माया राठौर, सुनीता मीणा सहित गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, नागालैंड, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं असम सहित अनेक राज्यों के शिक्षकों, साहित्यकारों और समाजसेवियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षा सागर फाउंडेशन की राष्ट्रीय मोटिवेटर गायत्री मिश्रा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। :::















































































