बदायूँ में कड़ी सुरक्षा में यूपी बोर्ड परीक्षाएं शुरू, पहले दिन हाईस्कूल में हिंदी का पेपर हुआ
बदायूँ। जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं गुरुवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गईं। पहले दिन हाईस्कूल के विद्यार्थियों ने हिंदी विषय की परीक्षा दी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भीड़ देखने को मिली और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया।

जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही पुलिस बल तैनात रहा और गेट पर सघन तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। परीक्षा के पहले दिन व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने कई केंद्रों का निरीक्षण भी किया।

जिले में इस वर्ष उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। हाईस्कूल में 52,300 और इंटरमीडिएट में 50,683 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इस तरह कुल मिलाकर करीब 98 हजार छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
दो पालियों में हो रही परीक्षा

बोर्ड परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित की गई है। पहले दिन पहली पाली में हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा शुरू होने से पहले ही छात्र-छात्राएं समय से काफी पहले केंद्रों पर पहुंच गए थे।
कई केंद्रों पर अभिभावक भी अपने बच्चों को परीक्षा दिलाने पहुंचे और परीक्षा समाप्त होने तक बाहर इंतजार करते नजर आए। छात्रों में परीक्षा को लेकर उत्साह के साथ हल्की घबराहट भी दिखाई दी।
98 परीक्षा केंद्र बनाए गए
जिले में इस वर्ष कुल 98 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 12 केंद्रों को संवेदनशील और 4 केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है।
संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा हर परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल मौजूद है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत रोका जा सके।
नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम
नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने इस बार विशेष रणनीति बनाई है। परीक्षा केंद्रों के गेट पर परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है।
छात्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा कक्ष में केवल प्रवेश पत्र, पेन और आवश्यक स्टेशनरी ही ले जा सकते हैं। तलाशी के बाद ही छात्रों को परीक्षा कक्ष में भेजा गया।
सचल दल और जोनल मजिस्ट्रेट सक्रिय
परीक्षा के दौरान निगरानी के लिए जिले में 8 सचल दल बनाए गए हैं, जो लगातार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसके अलावा 5 जोनल मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में परीक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।
सचल दलों ने पहले दिन कई केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कंट्रोल रूम से हो रही निगरानी
परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से सभी केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की शिकायत या सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
पहले दिन शांतिपूर्ण रही परीक्षा
परीक्षा के पहले दिन जिले भर में परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या नकल की सूचना नहीं मिली।
छात्रों ने बताया कि हिंदी का पेपर सामान्य रहा और उन्हें उम्मीद है कि आगे की परीक्षाएं भी इसी तरह अच्छे माहौल में होंगी।
जिला प्रशासन ने कहा है कि आगामी दिनों में भी परीक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस तरह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की सतर्कता के बीच जिले में बोर्ड परीक्षाओं का सफल आगाज हो गया है। अब आने वाले दिनों में इंटरमीडिएट और अन्य विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
परीक्षा 98 केन्द्रों पर सम्पन्न कराई गई। जिसमें दोनो पाली में 67945 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे । परीक्षा को सम्पन्न कराने के लिए जिलाधिकारी अवनीश राय ने सेक्टर, जोनल, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापकों, बाहा केन्द्र व्यवस्थापक, सचल दल एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि कि परीक्षा में लगे अधिकारी कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं उत्तरदायित्व के साथ करें। उन्होंने विशेष रूप से सभी मजिस्ट्रेट नियमित रूप से परीक्षा केन्द्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें। प्रश्नपत्रों की अभिरक्षा एवं वितरण प्रक्रिया शासनादेशानुसार कड़ाई से सुनिश्चित की जाए। सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता परीक्षा अवधि में सतत सुनिश्चित रहे। परीक्षा केन्द्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहे। दिव्यांग परीक्षार्थियों हेतु आवश्यक सहयोगात्मक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारम्भ होकर 12 मार्च तक आयोजित की जाएंगी।
लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई परीक्षा कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा जनपद की साख से जुड़ा विषय है, सभी अधिकारी समन्वय स्थापित करते हुए टीम भावना से कार्य करें, जिससे परीक्षा पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न हो सके।













































































