बरेली। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने अमेरिका-भारत प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध करते हुए इसे किसान विरोधी बताया है। संगठन के युवा जिला अध्यक्ष सय्यद शवावउद्दीन उर्फ मीरान के नेतृत्व में किसानों ने ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से समझौता तत्काल रद्द करने की मांग की। सय्यद शवावउद्दीन ने कहा कि देशभर में किसान संगठन विरोध दर्ज करा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस समझौते से सस्ती अमेरिकी उपज भारतीय बाजार में आएगी, जिससे सोयाबीन, मक्का, गेहूं, दाल और डेयरी क्षेत्र के किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने आशंका जताई कि इससे एमएसपी व्यवस्था, सार्वजनिक खरीद प्रणाली और खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। भाकियू ने कहा कि डेयरी और बीज क्षेत्र में कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ने से छोटे व सीमांत किसान प्रभावित होंगे। संगठन ने सरकार से किसानों के हित में व्यापक चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लेने की मांग की है। ज्ञापन देने बालों में पंकज कुमार शर्मा , महाराज सिंह यादव , चौधरी शिशुपाल सिंह , राशिद खान, सुनील यादव एडवोकेट, यामीन मलिक, चौधरी सतेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।