बरेली। स्थानीय एड्युवाइब पब्लिक स्कूल में हिंदी भाषा देवनागरी लिपि को भारत की आधिकारिक राष्ट्र भाषा के रूप में 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में एक गोष्ठी का आयोजन प्रबंधक समाजसेवी नाज़िम बेग की अध्यक्षता में किया गया जिसका संचालन हिन्दी अध्यापिका सोनाली राठौर ने किया अपने संबोधन में विद्यालय की समन्वयक कुमारी गुलेशमां ने गोष्ठी में उपस्थित महिलाओं को संभोदित करते हुए कहा हिन्दी सिर्फ़ एक भाषा नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और हमारे भावों की आत्मा है यह दुनिया की बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है करोड़ो लोग हिंदी भाषा को बोलते है और ये गर्व की बात है ये भाषा ना सिर्फ़ भारत में बल्कि विदेशों में भी बोली जाती है हम सबको अपनी मातृभाषा भले ही उर्दू बताना पड़े लेकिन हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में पड़ना लिखना भी हमारा कर्तव्य है अपने संभोधन में प्रधानाचार्य निगत परवीन ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है यहाँ अलग अलग धर्म भाषाये एक साथ मिलकर एकता का उधारण पेश करती है वही हिंदी वो भाषा है जो पूरे देश को एक सूत्र में जोड़ने का काम करती है अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रबंधक नाज़िम बेग ने हिंदी पर प्रकाश डालते हुए कहा के आज रोज़गार की दुनिया में अंग्रेज़ी का महत्व है आज हम इस दिवस के अफ़सर पर हिंदी बोलने ,पड़ने ,और लिखने का संकल्प लेगे और बच्चो पर अंग्रेज़ी लादने के बजाय उन्हें हिंदी भी सिखाना चाहेंगे कोई भी भाषा तभी बजती है जब शब्द बजते है गढ़े जाते है साहित्य रचा जाता है और ज्ञान का निर्माण होता है हम अपने राष्ट्र की राष्ट्र भाषा हिंदी को सम्मान सहित आगे बढ़ाने में प्रयत्न शील रहेंगे ।