बीआईएमटी कालेज में हिन्दी दिवसके उपलक्ष्य में विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई,विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया
बदायूं। बी.आई.एम.टी. कालेज में एक्टीविटी डे पर हिन्दी दिवस मनाया गया। जिसमे हमारी मातृभाषा हिन्दी की सुन्दरता को आत्मसात करने के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, प्रतियोगिताओं में कविता पाठ जिसका विषय ‘‘मेरी हिन्दी मेरा गर्व’’, निबन्ध लेखन का विषय ‘‘एकता और संस्कृति का प्रतीक’’ तथा भाषण का विषय ‘‘विश्व मंच पर हिन्दी का उदय’’ , स्लोगन लेखन में विषय ‘‘हिन्दी हमारी पहचान’’ तथा पोस्टर बनाओं प्रतियोगिता का विषय ‘‘समृद्ध हिन्दी भाषा , समृद्ध भारत’’ रहा। इन प्रतियोगिताओं में कालेज के प्रत्येक संकाय के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया। कविता पाठन प्रतियोगिता में बी.काॅम. आॅनर्स प्रथम सेमेस्टर के छात्र अक्षय कुमार प्रथम, शाम्भवी अग्रवाल बी.काॅम. रेगुलर प्रथम सेमेस्टर द्वितीय तथा राखी सिंह बी.एस.सी. (होम साइंस) पंचम सेमेस्टर तृतीय स्थान पर रहीं। निबन्ध लेखन प्रतियोगिता में तरू शर्मा बी.एस.सी. (बायो वर्ग) तृतीय सेमेस्टर प्रथम, अतुल वर्मा बी.सी.ए. तृतीय सेमेस्टर द्वितीय तथा यातिका गुप्ता बी.काॅम. प्रथम सेमेस्टर तृतीय स्थान पर रही। भाषण प्रतियोगिता में अनन्या बी.एस.सी. (मैथ वर्ग) तृतीय सेमेस्टर प्रथम, राधिका बी.सी.ए. द्वितीय सेमेस्टर द्वितीय तथा कशिश बी.सी.ए. प्रथम सेमेस्टर तृतीय स्थान पर रहीं। स्लोगन प्रतियोगिता में कुशाग्रा बी.एस.सी. (होम साइंस) तृतीय सेमेस्टर प्रथम, प्रियाॅशी बवेजा बी.काॅम. आॅनर्स प्रथम सेमेस्टर द्वितीय स्थान, राज गुप्ता बी.सी.ए. प्रथम सेमेस्टर तृतीय स्थान पर रहे। पोस्टर बनाओं प्रतियोगिता में तरू शर्मा बी.एस.सी. (बायो वर्ग) तृतीय सेमेस्टर प्रथम, आन्या शर्मा बी.एस.सी. (होम साइंस) तृतीय सेमेस्टर द्वितीय तथा हिना राकेश बी.एस.सी. (बायो वर्ग) तृतीय सेमेस्टर तृतीय स्थान पर रहीं। इस आयोजन में महाविद्यालय निदेशक अक्षज रस्तोगी तथा आशीष सिंद्यल की गरिमामयी उपस्थित ने प्रतियोगी विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को प्रबल किया। निदेशक अक्षज रस्तोगी ने कहा कि मातृभाषा हिन्दी में भावनाओं को व्यक्त करने की एक अद्वितीय क्षमता है। कविता ,निबन्ध तथा भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से हिन्दी हमें अपनी भावनाओं को गहराई से व्यक्त करने का अवसर देती है। निदेशक आशीष सिंद्यल ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हिन्दी भारत की विविधता में एकता का प्रतीक है। यह विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के लोंगो को एक साथ जोड़ने का काम करती है। ऐसी प्रतियोंगिताऐ विद्यार्थियों में मातृभाषा हिन्दी के प्रति लगाव और प्रेम को बढ़ावा देती है। महाविद्यालय डीन अरविन्द गुप्ता ने कहा कि हम शिक्षा के साथ-साथ इस प्रकार की प्रतियोगिताओं को सम्पन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसी प्रतियोंगिताऐ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अति आवश्यक है। इस अवसर पर महाविद्यालय चीफ प्राॅक्टर सौरभ सक्सेना तथा समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा। इस आयोजन का सफल संचालन सूर्यांश रस्तोगी, रीतिका पंत, नीतू सिंह व मनोज कुमार के द्वारा किया गया। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण प्रतिभागिता ने इस आयोजन को सफल बनाया।













































































