गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना का सप्त दिवसीय शिविर प्रारंभ
बदायूं। गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत सप्त दिवसीय शिविर का प्रारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप...
बदायूं। गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत सप्त दिवसीय शिविर का प्रारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप...
उझानी।नगर के कछला रोड पर गल्ला खरीदने का फड़ लगाने वाले दो युवकों में मारपीट हो गई जिसमें एक फड़...
बदायूं। अम्बियापुर क्षेत्र के गांव दबिहारी में श्री शिव गायत्री मंदिर पर चल रही श्रीमदभागवत कथा का सातवें दिन समापन...
बदायूं। जिला परियोजना कार्यालय पर आंगनबाड़ केंद्रों में अध्ययनरत बच्चों की शारीरिक, मानसिक रूप से समस्याओं और बाधाओं के चिन्हीकरण...
बदायूं। समग्र शिक्षा एवं जेंडर इक्विटी के अंतर्गत बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु नारी शिक्षा चौपाल का आयोजन ब्लॉक...
बदायूं। डी पी स्नातकोत्तर महाविद्यालय सहसवान में एन एस एस सप्त दिवसीय शिविर में षष्ठम दिवस महिलासशक्तिकरण के रूप में...
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तहत आज चौथे चरण की वोटिंग हो रही है. मदतान केंद्र के बाहर वाटर्स की...
नई दिल्ली।यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए चौथे चरण का मतदान बुधवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ है. इसके तहत...
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव बादशाहपुर स्थित कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय में आज मंगलवार को कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई। यहां सबसे पहले स्कूल की वार्डेन भारती मालपाणी ने उनके चित्र पर माल्यर्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके जीवन पर प्रकाश डालते छात्राओं को बताया कि महात्मा गांधी का नाम भारत में ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्ध है। उन्हें देश का राष्ट्रपिता कहा जाता है। उनकी सीख, सत्य और अहिंसा के बारे में सब ने सुना होगा लेकिन मोहनदास करमचंद गांधी के महात्मा गांधी, राष्ट्रपिता और बापू बनने के पीछे एक महिला के त्याग का अहम रोल है। अगर ये महिला न होती तो आज गांधी जी महात्मा न होते। यह महिला कोई और नहीं, बल्कि महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा गांधी थी। एक संपन्न परिवार की बेटी ने जब गांधीजी को अपना जीवन साथी माना तो पग-पग पर उनके साथ चलती रहीं। कस्तूरबा गांधी का जीवन कठिन संघर्षों में गुजरा। उन्होंने कभी गांधी जी से एक पति और पिता के कर्तव्यों को पूरा करने के लिए नहीं कहा। गांधी जी देश सेवा में जुट गए। साधारण सूती धोती पहन आश्रमों में रहे। सादा जीवन जिया लेकिन वह नाजों से पली कस्तूरबा ने इन सभी संघर्षों को बिना किसी शिकायत के जिया। उन्होने बताया कि कस्तूरबा गांधी का जन्म 11 अप्रैल 1869 में हुआ था। वह गुजरात के काठियावाड़ की रहने वाली थीं। कस्तूरबा गांधी के पिता व्यापारी थे। वह एक संपन्न परिवार की बेटी थीं, जिनकी मात्र 13 साल की उम्र में शादी कर दी गई। कस्तूरबा के पिता और गांधी जी के पिता दोनों करीबी मित्र थे। ऐसे में जब कस्तूरबा सात साल की थीं तभी उनकी सगाई गांधी जी से कर दी गई और बाद में शादी। गांधी जी कस्तूरबा से एक साल छोटे थे। उन दिनों गांधी जी को शादी का मतलब भी नहीं पता था लेकिन बाद में वह बाल विवाह के विरोध में हो गए। इस मौके पर भारती मालपाणी, सुनीती कश्यप, रश्मि यादव, स्वर्णरूपा,... https://youtu.be/Mep9V2GhyxU
बिल्सी। नगर के तहसील मोड़ स्थित हनुमान जी के मन्दिर में आज मंगलवार को यहां श्री बालाजी भक्त मंडली के पदाधिकारियों द्वारा बालाजी महाराज का भव्य श्रृंगार कर चोला चढ़ाया। इसके बाद यहां बाबा के भक्तों ने पूजा-अर्चना की। इसके बाद बाबा का भोग लगाया गया। आरती के अलावा यहां अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। उसके बाद यहां सभी को प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर निशान्त देवल नन्हे, श्याम शर्मा, अभिषेक देवल, रितिक देवल, ऋषभ देवल, आशु शर्मा, राजू कोहली आदि मौजूद रहे। https://youtu.be/Mep9V2GhyxU