एनएसएस शिविर के षष्ठम दिवस श्रमदान व “महिलासशक्तिकरण” पर संवाद
बदायूं। डी पी स्नातकोत्तर महाविद्यालय सहसवान में एन एस एस सप्त दिवसीय शिविर में षष्ठम दिवस महिलासशक्तिकरण के रूप में मनाया गया। प्रथम सत्र में कार्यक्रम अधिकारी डॉ मुकेश राघव एवं सहयोगी अधिकारी दिव्यांश सक्सेना के निर्देशन में व प्रवक्ता वर्ग में सना साजिद ,ऋतु सिंह ,तृप्ति सक्सेना, भूपेंद्र गुप्ता, नितिन माहेश्वरी ,गुलनार, सत्यपाल यादव , डॉ नीलोफर के साथ स्वयंसेवक अपने कार्य क्षेत्र प्रीतमनगर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने ग्राम वासियों को,महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जाग्रत किया। परिसर में आकर श्रमदान किया। भोजन व्यवस्था में सोनू गौतम , निखिल, आफताब, अर्शीन,उरुज,हिरा नाज,अनम खान,साफिया।
प्रभात सक्सेना ने भोजन व्यवस्था टीम का निरीक्षण किया।

द्वितीय सत्र बौद्धिक सत्र में कार्यक्रम का शुभारंभ गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय बदायूं से पहुंची डॉ निशि अवस्थी, डॉ उमा सिंह गौर (असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी)तथा मती सरला चक्रवर्ती (असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र ) के करकमलों द्वारा मां शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप -प्रज्ज्वलन व डायरेक्टर डॉ एम के सोलंकी, प्राचार्या डॉ शुभ्रा माहेश्वरी व कार्यक्रम अधिकारी डॉ मुकेश राघव द्वारा पुष्प अर्पित कर किया गया। अतिथि डॉ निशि अवस्थी ने कहा- अपाला ,गार्गी, महादेवी , सुभद्रा सी महान है नारी।”
“डॉ उमा सिंह गौर ने कहा -“हम जब मन में आत्मविश्वास बना लेते हैं हम स्वयं सशक्त हो जाते हैं।” मती सरला चक्रवर्ती ने कहा -” हम खुद को सबला साबित करें,हममे ये क्वालिटी होनी चाहिए।”प्रवक्ता सना साजिद ने कहा-“नारी अपनी रक्षा करने में स्वयं सक्षम है।” तृप्ति सक्सेना ने कहा-” हम नहीं चाहते कोई बेचारगी से कहे ,बेचारी।

कार्यक्रम को प्रगति देने हेतु छात्र व शिक्षक बंधु एक पक्ष में व छात्रायें व शिक्षिकायें विपक्ष में रहकर तर्क वितर्क व संवाद में शामिल रहीं। छात्रों में विपक्ष से सोनू गौतम ने कहा जब समान अधिकार की बात है तो फिर हम एक सा काम करें। इला सक्सेना ने जबाब में कहा-” पुरुष आज्ञा देने वाला बनकर हम नारी को दबाता चला आया है।”
कार्यक्रम का संचालन भूपेंद्र गुप्ता व डॉ मुकेश राघव ने किया।















































































