दरगाह वली मियाँ में कुलशरीफ़ की रस्म अदा, अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़

WhatsApp Image 2026-03-21 at 5.34.41 PM
WhatsAppImage2026-02-15at42216PM1
previous arrow
next arrow

बरेली। आस्ताना-ए-आलिया मोहम्मदिया (दरगाह वली मियाँ) में पीरे तरीक़त कुतुबुल अक्ताब क़िब्ला अल्हाज मौलाना शाह वली मोहम्मद रहमतुल्लाह अलैह के कुलशरीफ़ की रस्म अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। रमज़ानुल मुबारक के महीने में हज़रत वली मियाँ का विसाल हुआ था और ईद के दिन तदफीन हुई थी, इसी वजह से हर साल ईद के दिन यह रस्म अदा की जाती है।
कार्यक्रम का आगाज़ क़ारी गुलाम यासीन ने तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक से किया। इसके बाद फ़ारूक मदनापुरी, राहिल बरेलवी, गुलाम सुब्हानी और उवैस बीसलपुरी सहित अन्य शायरों और नातख्वानों ने हज़रत वली मियाँ रहमतुल्लाह अलैह की शान में मनक़बत पेश कर अकीदत का नजराना पेश किया।
क़ारी गुलाम यासीन मोहम्मदी ने हज़रत वली मियाँ की सीरत पर रोशनी डालते हुए उनके जीवन और शिक्षाओं को याद किया। सलात व सलाम के बाद शाम ठीक 4:50 बजे फातिहा पढ़कर कुलशरीफ़ की रस्म अदा की गई।
इसके बाद हज़रत वली मियाँ रहमतुल्लाह अलैह के ख़लीफ़ा व सज्जादानशीं अल्हाज अनवर मियाँ हुज़ूर ने दुआ-ए-खैर कराई और मुल्क में अमन-ओ-शांति की दुआ की।
इस मौके पर सय्यद नाज़िर अली (चाँद), वारिस उल्लाह, मोहसिन इरशाद, हाफ़िज़ रेहान खान, आरिफ उल्लाह, मोहम्मद हसन, रूमान शमसी, आरिफ, उस्मान, समीर, फ़ैज़ शमसी, सय्यद मुस्तजाब अली, नवेद, ग़ुफ़रान, फ़रहान सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at1242061
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2025-06-11at40003PM
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow
Home
Live TV
VIDEO NEWS
Verified by MonsterInsights