बदायूँ। तीन दिवसीय बाल संस्कार शाला के तीसरे और अंतिम दिन भारत विकास परिषद गौरीशंकर शाखा बदायूं द्वारा आज अद्वैत स्वरुप सन्यास आश्रम परम केशव धाम नसरुल्लापुर निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में उपस्थित बालिकाओं को संस्कार का पाठ पढ़ाया गया । इस अवसर पर श्री चंद्र प्रकाश गुप्ता द्वारा बच्चों को सिलाई सीखने के लिए कुछ वस्त्रों का भी वितरण किया। श्री वीरेश कुमार वार्ष्णेय ने बच्चों को पाठ पढ़ाया कि अच्छे संस्कार के द्वारा मनुष्य सदैव विपरीत परिस्थितियों में भी विजय प्राप्त कर लेता है । उन्होंने भजन हेतु एक नाल देने की घोषणा की साथ ही घोषित किया कि बच्चों की सिलाई प्रशिक्षण के एक वर्ष पूरा होने पर टेस्ट लिया जाएगा और प्रथम द्वतीय एवम तृतीय स्थान प्राप्त बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा।अजय कुमार सक्सेना ने बच्चों को अच्छे संस्कार एवं बुरे संस्कार के बीच का अंतर समझाया कि बुरे संस्कार आदमी को स्वयं ही पतन की ओर ले जाते हैं जबकि अच्छे संस्कार मनुष्य को पतन में गिरने से बचा लेते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद एवम सुभाष चंद्र बोस की जीवनी पर प्रकाश डाला। रविंद्र उपाध्याय ने एक भजन गाकर सबको मुग्ध कर दिया बाद में उपस्थित बालिकाओं ने भी सुंदर से भजन सुनाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित सदस्यों एवम बालिकाओ को मिष्ठान वितरण किया गया। तथा राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अजय कुमार सक्सेना, सचिव