अशोक चक्र विजेताओं पर दोहा संग्रह ‘भारत के अशोक चक्र विजेता’ का दिल्ली के हिन्दी भवन में हुआ भव्य लोकार्पण

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(दीपक कुमार त्यागी / हस्तक्षेप
स्वतंत्र पत्रकार )

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दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय शब्द सृजन संस्था के द्वारा दिल्ली के हिंदी भवन में भारत के अशोक चक्र विजेताओं पर अंतरराष्ट्रीय दोहा संग्रह ‘भारत के अशोक चक्र विजेता’ का भव्य लोकार्पण किया गया, लोकार्पण के इस यादगार अवसर पर पूरा सभागार भारतमाता के जयघोष के साथ तालियों की गड़गड़ाहट से गूँजने लगा। अंतरराष्ट्रीय शब्द सृजन के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ राजीव कुमार पाण्डेय के द्वारा संपादित एवं संस्था के महासचिव ओंकार त्रिपाठी द्वारा संकलित ‘भारत के अशोक चक्र विजेता’ एक कालजयी ऐतिहासिक दोहा संग्रह है। जिसमें सभी अशोक चक्र विजेताओं के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर सम्पूर्ण विश्व के हिंदी के 167 दोहाकारों ने अपनी कलम चलाई है।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की अध्यक्षता देश के ख्यातिप्राप्त वरिष्ठ साहित्यकार डॉ चन्द्रपाल शर्मा ने की, वहीं मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी, विशिष्ट अतिथि दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्ष डॉ इंदिरा मोहन एवं विशिष्ट अतिथि फ़िल्म गीतकार एवं साहित्यकार डॉ प्रमोद कुश ‘तनहा’ रहे, सभी ने जब मिलकर इस ऐतिहासिक ग्रन्थ का लोकार्पण किया तो समूचा सभागार भारतमाता की जय के नाद से गूँजने लगा।

डॉ चन्द्रपाल शर्मा ने इस ग्रन्थ को राष्ट्रीय महत्व का ग्रन्थ बताया, तो मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त) ने इस ग्रन्थ को भारत के शौर्य की संज्ञा दी। देश की वरिष्ठ गीतकार डॉ इंदिरा मोहन ने इसे अभूतपूर्व एवं कालजयी ग्रन्थ की संज्ञा दी। इस ग्रन्थ की समीक्षा करते हुए डॉ प्रमोद कुश ‘तनहा’ ने कहा भारत की वीरता शौर्य बलिदान की गाथा का यह एक ऐतिहासिक ग्रन्थ है जो हमेशा राष्ट्रभक्ति का जागरण करेगा।

इस अवसर पर ग्रन्थ की सहभागी रचनाकार गाजियाबाद से प्रसिद्ध कवयित्री गार्गी कौशिक को अंतरराष्ट्रीय काव्य श्री सम्मान से अलंकृत किया गया।
ग्रन्थ के सम्पादक डॉ राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि की नवम्बर में ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से 201 कवियों द्वारा अशोक चक्र विजेताओं पर दोहे सृजित कराकर कविता पाठ कराया था, जिसे इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्डस में दर्ज किया गया है, उन्हीं में से चयनित 167 दोहाकारों से से इस ग्रन्थ को प्रकाशित किया गया है। संस्था के महासचिव एवं ग्रन्थ के संकलन कर्ता वरिष्ठ गीतकार ओंकार त्रिपाठी ने कार्यक्रम की प्रस्ताविकी रखते हुए बताया कि इस कालजयी ऐतिहासिक ग्रन्थ ‘भारत के अशोक चक्र विजेता’ में भारत सहित अमेरिका इंडोनेशिया नेपाल, अबुधाबी आदि देशों के 167 दोहाकारों के 2063 दोहे संकलित हैं, जो हिंदी साहित्य में एक विशाल दोहा ग्रन्थ माना जायेगा।

संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष राजकुमार छपाडिया ने स्वागत भाषण के साथ सभी अतिथियों का बुके, स्मृति चिन्ह शॉल बैज आदि से सम्मानित किया। इस अवसर पर देश विदेश के शताधिक कवियों को अंगवस्त्र किताबें के साथ सम्मान पत्र देकर अंतरराष्ट्रीय काव्य श्री सम्मान से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर संस्था के मार्गदर्शक डॉ यशपाल सिंह चौहान, महाराष्ट्र इकाई अध्यक्ष डॉ रोशनी किरण, बिहार इकाई अध्यक्ष बिनोद कुमार हँसौडा, दिल्ली इकाई की प्रभारी सीमा पटेल, पंजाब इकाई अध्यक्ष पंडित विनय कुमार झा, पश्चिमी बंगाल के प्रभारी कृष्ण कुमार दूबे आदि का बहुत ही सराहनीय योगदान रहा।
इस कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन करके की गयी। संस्था की महिला इकाई की महामंत्री गार्गी कौशिक ने सरस्वती वंदना की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ राजीव कुमार पाण्डेय एवं संगठन मंत्री ब्रज माहिर ने उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों, कवियों व श्रोताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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