चीन में कोविड से कई राज्यों में लॉकडाउन, लोग सड़कों पर

दिल्ली। कोविड रोधी वेक्सीन लेने के बाद भारत सहित विश्व में कोरोना केस निरंतर घटते ही गए । पर जिस देश चीन पर यह विश्वव्यापी कोविड बीमारी फैलने का आरोप लगा था । वह आज भी कोवीड बीमारी के चंगुल से बाहर नहीं निकल पा रहा है। हाल यह है कि उसकी जीरो कोविड नीति के विरोध में चीन के कई राज्य अशांत हो गए। चीन में उसकी दमनकारी नीति के विरोध में भूख से जूझ रहे आम नागरिक शंघाई, बुहान की सड़को पर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिन्हे शी जिनपिंग सरकार निरंतर दबाने के प्रयास में ही लगी हुई है। हाल यह है अब तो प्रदर्शन की आंच हांगकांग तक फेल गई है। चीन में फेल रहे कोरोना संक्रमण से अब पूरा विश्व सतर्क हो गया है। चीन ने अभी तक यह भी राज नही खोला है की कोविड से चीन में कितने लोग अपनी जान गवां चुके हैं। या कितने लोगो को वेक्सीन लगाई गई । स्मरण रहे चीन की बनी कोविड वेक्सीन को कई देशों ने अप्रभावी मन कर नकारने की चर्चा आम हुई थी। जिस कारण चीन को अपनी विस्तारवादी नीति पर झटका भी लगा था। बची खुची उसकी विस्तारवादी नीति की गलवां में भारतीय सेना ने धज्जियां उड़ा दी थीं। अगर भारत की बात की जाए तो उसके केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में दैनिक संक्रमण दर 0.95 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 1.11 फीसदी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देशभर में कोविड रोधी टीकों की अब तक 219.91 करोड़ से अधिक वेक्सिन लगाई जा चुकी हैं। भारत में कोविड से मात्र 530614 मौत हुई थी जिसकी मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत ही रही थी। उत्तर प्रदेश में भी 39 करोड़ से अधिक लोगो को वेक्सीन लगाई गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की “दो गज की दूरी, मास्क जरूरी” एवम देश में बनी वेक्सिन निशुल्क देने की नीति अपनाकर देशवासियों को इस जानलेवा कोविड बीमारी से बचाने में तो सफलता पाई ही, साथ ही भारत ने कई देश को भी वेक्सीन देकर उनका भी दिल जीता। यही वजह रही भारत में 219 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज के साथ ही बूस्टर डोज भी दिए गए। 68.2 प्रतिशत से अधिक लोग वेक्सिन की दोनो डोज ले चुके हैं। अब आजकल चीन में कोरोना तेजी से फैल रहा है। यही वजह है कि चीन में जीरो कोविड पॉलिसी लागू की गई है। इसके तहत ही चीन ने कई राज्यों में लॉकडाउन लगा दिया है। जिसके खिलाफ अब बड़ी संख्या में चीन के नागरिक सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल यह है कि चीन में प्रतिदिन कोरोना के लगभग 35 से 40 हजार से ज्यादा केस आ रहे हैं। स्मरण रहे भारत में इस समय कोरोना के बहुत कम मामले ही आ रहे हैं। हालांकि चीन में बढ़ते कोविड मामलों के चलते एक बार फिर भारत में कोरोना के मामले बढ़ने की आशंका भी पैदा हो गई है। इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में कोरोना फैलने की उनकी अपनी कई वजहें हैं लेकिन फिर भी इसका असर भारत पर नहीं पड़ेगा ऐसा नहीं कहा जा सकता। देर-सबेर भारत में भी कोरोना के केसेज में बढ़ोत्तरी हो सकती है। नई दिल्ली में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) के पूर्व निदेशक डॉ. एम सी मिश्र मीडिया को बताया है कि चीन से अगर डेल्टा जैसा कोई नया वेरिएंट पर पूर्व की तरह अंकुश लगा लिया गया तो फिर चीन में बढ़ते कोविड आंकड़ों का भारत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। भारत सरकार भी कोविड से बचाव को दो गज की दूरी, मास्क जरूरी का पालन पर जोर दे रही है। भले ही शी जिनपिंग तीसरी बार राष्ट्रपति बन गए हों पर जो रिपोर्ट आ रही हैं उसमे उनका जमकर अभी भी विरोध हो रहा है और कोरोना बीमारी का जिन्न भी उनके समक्ष मुंह उठाए खड़ा है।