बदायूँ। शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एकादशी पर आज रात सभी मन्दिरो को आकर्षक ढंग से सजाया गया। शहर से देहात तक मंदिरों पर धूमधाम रही और देररात तक भक्तों ने भगवान के दर्शन किये और पूजापाठ की है। बिजली के विभिन्न आइटमों से मंदिर आकर्षक छवि बिखेरते नजर आए। शहर ही नहीं आसपास के गांव के लोग भी सजे हुए मंदिरों की छटा देखने को उमड़ पड़े। आधी रात तक मन्दिरो और सड़कों पर भीड़ उमड़ती रही। सड़के गुलजार रही। भले ही पूरे जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर सजते हों, लेकिन शहर में एकादशी पर मंदिरों को सजाया गया। सूरज ढलते ही बिजली की रोशनी से जगमगाती सड़कों पर रौनक लौट आई। बाकी दिनों से आज का दिन विशेष था। गली मोहल्लों के मंदिरों में जहां देवी देवताओं को नवीन वस्त्रों और आभूषणों से अलंकृत किया गया था, वहीं मंदिर बिजली झालरों से जगमगाते नजर आ रहे थे। बच्चों को आकर्षित करने के लिए मंदिरों में कई स्वचालित झांकियां बनाई गईं थीं। योगिराज कृष्ण के जीवन की कथा से जुड़ी झांकियां आकर्षक का केंद्र रहीं। इसके अलावा मन्दिरो में वर्फ से बनाए पहाड़ों के बीच समाधिस्थ भगवान भोले नाथ, पर्वत उठा, महावीर बजरंगबली, दधि मंथन करती मां यशोदा, नटखट नंद गोपाल की झांकियां अपने आप में सजीवता प्रस्तुत कर रहीं थीं तो मथुरा की जेल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी रोमांचित करने में सबसे आगे थीं। शहर का पुराना बाईपास का गौरव हासिल करने वाली काली सड़क पर सबसे अधिक भीड़ दिखी। इस मार्ग पर प्रसिद्ध बिरुआबाड़ी मंदिर, हर प्रसाद मंदिर, नाराण मंदिर, रघुनाथ मंदिर पंजाबी मंदिर आदि को रास्ता हैं। इसलिए यहां सबसे अधिक रौनक रही। यही नहीं आवास विकास की ओर गौरी शंकर मंदिर की आकर्षक सजावाट देखने को जनसमूह उमड़ पड़ा। रेलवे स्टेशन कचहरी रोड और मोहल्लों में पुराने मंदिरों में भी अतुलनीय सजावट हुई। शहर के मंदिरों में हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते पुलिस बल तैनात रहा।