अपमानित जीवन को छोड़कर सम्मान की ज़िदगी जीने लगा धनूपुरा
बदायूं। विकासखण्ड कादरचैक का गांव धनूपुरा गैर प्रांतों तक बेहद संवेदनशील होने के कारण बदनाम था। यहां का बाबरिया गिरोह देशभर में आपराधिक वारदातों को अंजाम देता था। घरों में कच्ची शराब बनाने और उसकी तस्करी का कारोबार कई पीढ़ियों से चल रहा था। सरकारें बदलीं, अधिकारी बदले और सभी ने इस कारोबार पर रोक लगाने में पूरी ताकत झोंक दी लेकिन वक्त के साथ यह कारोबार यहां जड़ें जमाता चला गया।


जब पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध सिंह ने सख्ती के साथ जागरूकता फैलाई तो लोग खुद भीतर से टूट गए। फिर यह हुआ कि भारी मात्रा में शराब बनाने के उपकरण लेकर बच्चे और युवा आए और पुलिस के हवाले कर दिए।

गुरुवार को विकासखण्ड कादरचैक के गांव धनूपुरा में कच्ची शराब बनाने व तस्करी को रोकने में आगे आने वाली महिलाओं को जिलाधिकारी दीपा रंजन व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ0 ओ0पी0 सिंह ने सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से उपलब्ध कराई गई वस्तुओं को देकर सम्मानित किया। यहां राजस्थानी लोग अधिक संख्या मेें निवास करते हैं। उनके द्वारा बनाए गए लहंगा-चुन्नी व उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए फेसबुक व व्हाट्सएप पर सेल लगाई गई।

डीएम ने कहा कि वास्तव में जब महिलाएं आगे बढ़कर अपने घर के काम-काज के साथ समाज के लिए कुछ करती हैं, यह बहुत ही बड़ी उपलब्धी होती है, जिसे यहां के लोग स्वयं महसूस कर रहे होंगे कि कल क्या करते थे और आज क्या कर रहे हैं। मैं इसके लिए यहां के लोगों एवं पुलिस की टीम को बहुत बधाई देती हूँ। यह बहुत ही अच्छे सराहनीय कार्य की पहल है। मैं चाहुंगी कि यह गांव पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने। अगर इंसान ठान ले तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। इस प्रकार की कुरीति को त्याग कर कुछ अच्छा करने का ठाना है तो यह सच बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे बच्चों को अब एक अच्छा वातावरण मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं के नाम से परिवार की पहचान हो और सड़क, मौहल्ले बनाए जाएं, सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के तौर पर लाभ दिलाया जाए।
एसएसपी ने कहा कि यह जो अच्छा कार्य यहां के लोगों के द्वारा किया गया है, उसके लिए बहुत-बहुत बधाई। कहीं भी किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो प्रशासन पूरी मदद करेगा व पूरा सहयोग रहेगा। अब मुझे सीओ अनिरुद्ध सिंह ने यहां के बारे में बताया तो मैने कहा कि इस पुण्य कार्य में अवश्य आएंगे। इस इच्छा शक्ति को कभी नहीं छोड़िएगा। विभिन्न प्रकार की योजनाओं से यहां के लोगों को लाभांवित किया जाएगा। मैं अनिरुद्ध सिंह बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने पुलिस को इस पुनीत कार्य में लगाकर इतना अच्छा परिणाम हासिल किया है। इसके लिए उनकी जितनी सराहना की जाए वह कम है। इसमें कार्य में लगे लोगों को सम्मानित किया जाएगा। अन्य गांवों में अपने इस कार्य से जागरुक करें, जितना पैसा इससे पैदा होगा, उससे दुगना खर्च हो जाएगा। इसलिए इस प्रकार के कार्य को न करें।
सीओ सहसवान अनिरुद्ध सिंह ने अवगत कराया कि धनूपुरा की तस्वीर अब पूरी तरह से बदल चुकी है। यहां के स्थानीय लोग कच्ची शराब का बुरा काम पूरी तरह से छोड़ चुके हैं। अब ऐसे लोगों को अन्य प्रकार के अच्छे रोजगार में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दिनों एक दृष्टिवाधित व्यक्ति कच्ची शराब के तस्कर को उससे यह कुरीति छुड़वाकर परचून का खोखा खुलवाया गया। अन्य लोगों को भी रोजगार दिलाने में पूरी तरह से प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में इनका रहा विशेष सहयोग-आसिफ ने 21 हजार रुपए, प्रफुल वाष्र्णेय व सहसवान निवासी ने दस-दस हजार का सहयोग दिया, जिससे एक महिला को 21000 व दो महिलाओं को 10-10 हजार रुपए परचून की दुकान खोलने के लिए दिए गए। सहसवान निवासी बब्लू के सहयोग से एलईडी टीवी, आरिफ के सहयोग से सिलाई मशीन व प्रेशर कुकर दिया गया। रजत गुप्ता के सहयोग से 100 बच्चों के लिए किताबे, स्टेशनरी व खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई।













































































