बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव चनी में पंचायत घर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन प्रयाग आश्रम बृजधाम वृंदावन से पधारी कु.कल्पना शास्त्री ने भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए राजा परीक्षित जन्म, श्रीशुकदेव आगमन, बारह अवतार की कथा का प्रसंग सुनाया। कथावाचक ने कहा कि श्रीमदभागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ-साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी कि अंहकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं हो सकता और यह धन संपदा क्षणभंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करों। उन्होंने कहा कि अहंकार, गर्व, घृणा से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ईष्यालु व्यक्ति अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यदि अपना उद्धार करना चाहते हो तो परोपकार में अपना जीवन लगाओ, जिससे तुम्हारा कल्याण होगा। इस मौके पर भीष्मपाल, हरप्रसाद, सौरभ शर्मा, राजीव कुमार, महादेव प्रसाद, यादराम, कल्लू, तेजपाल, बनवारी लाल, सोहनपाल शर्मा, प्रवीन शर्मा, गोविंद शर्मा, दिनेश कुमार, विपिन शर्मा, बाबूराम, निसार अली, जयप्रकाश, सुम्मेर प्रसाद आदि मौजूद रहे।