स्वयंसेविकाओं ने अमृत महोत्सव के तहत फ़िट इंडिया फ़्रीडम रन का आयोजन अमर शहीदों की प्रतिमा की सफाई कर उन्हें किया नमन्

1c89c749-3800-4b90-9a4b-6af06fa3a5d4
WhatsAppImage2024-05-04at205835
previous arrow
next arrow

बदायूं।राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में मिशन शक्ति एवं आजादी के अमृत महोत्सव इंडिया@75 के अन्तर्गत कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय बदायूं की स्वयंसेविकाओं ने कार्यक्रम अधिकारी असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती के निर्देशन एवं नेतृत्व में व डॉ इति अधिकारी के सहयोग से फ़िट इंडिया फ़्रीडम रन का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेविकाओं ने बड़े ही उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। फ़िट इंडिया फ़्रीडम रन दांडी मार्च की तरह पैदल चलकर महाविद्यालय से प्रारंभ होकर सराफा बाजार होते हुए सुभाष चौक पर सुभाष की प्रतिमा की सफाई कर उन्हें नमन् किया,अरब नई सराय से गांधी ग्राउंड तक जहाँ गांधी जी को नमन् कर चूना मंडी में भारत रत्न पं० जवाहर लाल नेहरू जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुनः महाविद्यालय परिसर में पहुँच कर समाप्त हुई।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at1242061
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2025-06-11at40003PM
previous arrow
next arrow

कार्यक्रम अधिकारी असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी ने बताया कि स्वास्थ्य जीवन की अमूल्य निधि है अगर हम स्वस्थ है तभी देश के विकास में अपना योगदान दे सकते है क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है इसलिए फ़िटनेस का मूलमंत्र है कि योग एवं व्यायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाये।आगे कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव भारत की विरल उपलब्धि है, हमारी जागती आंखों से देखे गये स्वप्नों को आकार देने का विश्वास है तो जीवन मूल्यों को सुरक्षित करने एवं नया भारत निर्मित करने की तीव्र तैयारी की ओर ध्यान आकर्षित करता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद बहुत कुछ बदला मगर चेहरा बदलकर भी दिल नहीं बदला। विदेशी सत्ता की बेड़िया टूटी पर बन्दीपन के संस्कार नहीं मिट पाये और राष्ट्रीयता प्रश्नचिन्ह बनकर आदर्शों की दीवारों पर टंग गयी थी, उसे अब आकार लेते हुए देखा जा सकता है। जिस संकीर्णता, स्वार्थ, राजनीतिक विसंगतियों, आर्थिक अपराधों, शोषण, भ्रष्टाचार एवं जटिल सरकारी प्रक्रियाओं ने अनंत संभावनाओं एवं आजादी के वास्तविक अर्थों को धुंधला दिया था, अब उन सब अवरोधक स्थितियों से बाहर निकलते हुए हम अपना रास्ता स्वयं खोजते हुए न केवल नये रास्तों बल्कि आत्मनिर्भर भारत, नये भारत एवं सशक्त भारत के रास्तों पर अग्रसर है।

इसके लिए आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को हमेशा याद रखो और उसके आदर्शों को ग्रहण करो।प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल ने कहा, ‘1857 का स्वतंत्रता संग्राम, महात्मा गांधी का विदेश से लौटना, लोकमान्य का पूर्ण स्वराज्य का आह्वान, नेता जी का आजाद हिंद फौज का नारा दिल्ली चलो कोई नहीं भूल सकता। ऐसे कितने ही सेनानी हैं जिनके प्रति देश हर रोज कृतज्ञता व्यक्त करता है। वो रानी लक्ष्मी बाई हो, पंडित नेहरू हों, सरदार पटेल हों, ऐसे अनगिनत जननायक आजादी के आंदोलन के पथ प्रदर्शक रहे है।कार्यक्रम अधिकारी डॉ इति अधिकारी ने बताया कि एक संकल्प लाखों संकल्पों का उजाला बांट सकता है यदि दृढ़-संकल्प लेने का साहसिक प्रयत्न कोई शुरु करे।


महाविद्यालय परिसर में दौड़ एवं पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया परिणाम इस तरह रहा-
दौड़ प्रतियोगिता में क्रमशः प्रथम लवली, द्वितीय पूनम एवं तृतीय किरन रही।
पोस्टर में प्रथम पूनम द्वितीय प्रियंका एवं तृतीय सौम्या, शालिनी संयुक्त रूप से रही।
इस अवसर पर स्वयंसेविकाओं पूर्व स्वयंसेविका कु अंजली शर्मा,पलक वर्मा, शिवांगी,पूनम यादव, लवली शर्मा, सौम्या,शालिनी, प्रियंका, अंशिका, आदि ने देशभक्ति से ओतप्रोत सुंदर सुंदर पोस्टर बनाये और अपने ओजस्वी उद्घोष द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव चलो देश को प्रणाम करें, दे श्रद्धांजलि उन वीरो को उनका हम सम्मान करें,व हम फ़िट तो इंडिया हिट का संदेश जन जन तक पहुँचाया।

WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow
Home
Live TV
VIDEO NEWS
Verified by MonsterInsights