युवा, समाज और सामाजिक परिवर्तन में छात्राओं की भूमिका महत्वपूर्ण : इंदु शर्मा
बदायूँ। गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के तत्वावधान में विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती के संयोजन एवं निर्देशन में समाजशास्त्र परिषद का पुनर्गठन कर “युवा, समाज एवं सामाजिक परिवर्तन : बदलते समाज में छात्राओं की भूमिका” विषय पर आयोजित जागरूकता सप्ताह का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण विकसित करने, सामाजिक समस्याओं को समझने एवं उनके समाधान के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ सर्वेक्षण, फील्डवर्क और सामाजिक शोध का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना तथा सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के तहत समाजशास्त्र परिषद का पुनर्गठन किया गया। स्नातक तृतीय वर्ष की वेदांशी पटेल को सर्वसम्मति से अध्यक्ष, द्वितीय वर्ष की नैना को उपाध्यक्ष तथा प्रथम वर्ष की हिना बी को सचिव मनोनीत किया गया। महक को उपसचिव तथा कामिनी गोस्वामी, रिया, पायल, भूमि, आरती देवी, स्वाती और आकांक्षा को सदस्य चुना गया। सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को परिषद के उत्थान के लिए शपथ दिलाई गई। डॉ. इति अधिकारी सहसंयोजक रहीं।जागरूकता सप्ताह के प्रथम दिवस “सोशल मीडिया और छात्राओं के सामाजिक संबंध” विषय पर लघु समाजशास्त्रीय सर्वेक्षण कराया गया। छात्राओं ने 20 से 30 विद्यार्थियों से प्रश्नावली भरवाकर प्राप्त परिणामों को चार्ट एवं ग्राफ के माध्यम से प्रस्तुत किया। दूसरे दिन “क्या सोशल मीडिया हमारे सामाजिक संबंधों को मजबूत कर रहा है या कमजोर?” विषय पर पक्ष और विपक्ष के दो समूह बनाकर समूह परिचर्चा आयोजित की गई। तीसरे दिन सोशल मीडिया एवं पर्यावरण संरक्षण पर पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता हुई।समापन दिवस पर “हिंदी और भारतीय समाज : भाषा, संस्कृति एवं सामाजिक एकता” विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वेदांशी, द्वितीय रिया और तृतीय स्थान चंद्रमुखी ने प्राप्त किया, जिन्हें पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम संयोजिका असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती ने कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक अनुभवों, सांस्कृतिक स्मृतियों और सामूहिक जीवन से जुड़ने का सशक्त माध्यम है। समाजशास्त्र की छात्राएं समाज को केवल देखने वाली नहीं, बल्कि उसे समझने, प्रश्न करने और सकारात्मक परिवर्तन में योगदान देने वाली युवा शक्ति हैं।
अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या प्रोफेसर इंदु शर्मा ने छात्राओं से हिंदी में बोलने, लिखने और विचार व्यक्त करने में गर्व अनुभव करने तथा भारत की सभी भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान करने का आह्वान किया। सहसंयोजिका डॉ. इति अधिकारी ने छात्राओं के उत्साह, अनुशासन और रचनात्मक सहभागिता की सराहना की। इस अवसर पर शारीरिक शिक्षा विभाग की सोनी मौर्य, शिक्षाशास्त्र विभाग की शालू गुप्ता सहित महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। अंत में संयोजिका सरला देवी चक्रवर्ती ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम में छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही।
















































































