बरेली। कुतुब-ए-बरेली हजरत शाहदाना वली रहमतुल्लाह अलैह के उर्स की तकरीबात के दौरान मजार-ए-मुबारक पर कुरआनख्वानी और गुस्ल-ए-मुबारक के साथ कार्यक्रमों का आगाज हुआ। दिनभर मजार-ए-मुबारक पर अकीदतमंदों की भीड़ लगी रही। जायरीन ने मन्नत-मुरादों की आरज़ियां पेश कर मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ की। इसी क्रम में सपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष स्मिता यादव, जिला उपाध्यक्ष हुरिया रहमान, कोषाध्यक्ष शशि चंद्रा, जिलाध्यक्ष ममता सागर, जिला महासचिव मिथलेश आर्य तथा सचिव शाहीन बी सहित अन्य पदाधिकारियों ने दरगाह पर चादर व गुलपोशी की और इत्र पेश कर दुआ मांगी।बाद नमाज-ए-जुहर फनकार निजाम साबरी ने रंग शरीफ की महफिल सजाई। बाद नमाज-ए-असर शहजादे तहसीन-ए-मिल्लत हजरत सूफी रिजवान रजा खान ने हजरत केले शाह बाबा के कुल शरीफ की फातिहा पढ़ी। दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खान नूरी उर्फ बब्बू मियां ने हिंदुस्तान में भाईचारा, कौमी एकता, अमन-ओ-सलामती, कामयाबी व खुशहाली, बीमारों की शिफा तथा बेरोजगारों के लिए रोजगार की खुसूसी दुआ की। इसके बाद जानशीन तहसीन-ए-मिल्लत हजरत शोएब रजा खान ने मजार-ए-मुबारक पर सलातो-सलाम का नजराना पेश किया।सदर यूसुफ इब्राहीम ने हाजिरी देने वाले जायरीन को कुल शरीफ का तबर्रुक तकसीम किया। बाद नमाज-ए-मगरिब चंदा मियां अशरफी ने मिलाद-ए-पाक की महफिल सजाई और बुजुर्गाने-दीन की रूहानी जिंदगी पर रोशनी डाली। उर्स में आने वाले जायरीन के लिए दरगाह परिसर सहित विभिन्न स्थानों पर लंगर का इंतजाम भी किया गया।देर रात तक सजी महफिल-ए-समारात 10 बजे से महफिल-ए-समा का आयोजन शुरू हुआ। दूर-दराज से आए फनकार निजाम साबरी, यूसुफ सुल्तानी।उर्स में शिरकत करने वालो में मौलाना आलाउद्दीन साहब,मिर्ज़ा शाहाब बेग,गुल्लन खा, सलीम रज़ा,गफुर पहलवान,जावेद खा, मिर्ज़ा मुकर्रम बेग,अब्दुल सलाम नूरी आदि सहित बड़ी तादात में लोग मौजूद रहे।