ओजोन परत मानव जीवन और पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी किरणों से सुरक्षा प्रदान करती
सहसवान। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संचालित संघटक राजकीय महाविद्यालय में विज्ञान विभाग के तत्वावधान में विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने ओजोन परत के महत्व, इसके क्षरण के कारणों तथा पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गुरुदीप सिंह उप्पल ने कहा कि ओजोन परत मानव जीवन और पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी किरणों से सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति के अनुरूप कार्य करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने बोर्ड पर चित्र बनाकर ओजोन परत की संरचना एवं उसके महत्व को सरल तरीके से समझाया। असिस्टेंट प्रोफेसर बॉटनी डॉ. शुभ्रा शुक्ला के निर्देशन में चर्चा-परिचर्चा का आयोजन हुआ। उन्होंने ओजोन परत के क्षरण, हानिकारक गैसों तथा क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी) के प्रभावों की जानकारी दी। साथ ही विश्व ओजोन दिवस की इस वर्ष की थीम ‘ग्लोबल एक्शन फॉर ए कूलर प्लैनेट’ के बारे में विद्यार्थियों को बताया। डॉ. सूर्य प्रताप गौतम, असिस्टेंट प्रोफेसर फिजिक्स ने नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों के संरक्षण एवं अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया। डॉ. नीति सक्सेना, असिस्टेंट प्रोफेसर केमिस्ट्री ने बताया कि सीएफसी के स्थान पर प्रयुक्त कुछ वैकल्पिक गैसों का भी ओजोन परत पर प्रभाव पड़ सकता है। डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी एवं डॉ. सुरजीत सिंह मौर्य ने प्रकृति संरक्षण, वर्षाजल संचयन एवं पौधों के संरक्षण की आवश्यकता पर विचार रखे।
डॉ. टेकचंद एवं डॉ. सौरभ नागर ने पर्यावरण संरक्षण और ग्लोबल वार्मिंग के संबंध में जानकारी दी। डॉ. रजनी गुप्ता ने पानी और बिजली की बचत करने तथा जल की बर्बादी रोकने को प्रकृति संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। डॉ. नवीन कुमार, डॉ. राजेश सिंह एवं डॉ. ब्रह्मस्वरूप ने ओजोन दिवस मनाए जाने के उद्देश्य तथा ओजोन परत में छेद होने के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर छात्रा आरिफा रहमान ने चित्र के माध्यम से ओजोन परत की संरचना को समझाया। कार्यक्रम में शिफा रहमान, आरिफा, बब्लू, अनस, अजीत, गौतम, अंकित, सोमेन्द्र, कहकशां, शीतल, कविता, हर्ष, अनिल, गौरव, मन्तशा सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में डॉ. रजनी गुप्ता, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. सौरभ नागर, डॉ. सुरजीत सिंह मौर्य, डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी, डॉ. नीति सक्सेना, डॉ. सूर्य प्रताप गौतम, डॉ. टेकचंद, डॉ. ब्रह्मस्वरूप सहित महाविद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभ्रा शुक्ला ने किया।
















































































