बदायूं। डायट में समर्थ मॉड्यूल आधारित उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण के द्वितीय फेरे का समापन हुआ। समापन अवसर पर डायट के प्राचार्य राकेश कुमार ने कहा कि प्रधानाध्यापक विद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उसे शिक्षकों, बच्चों, अभिभावकों तथा विभागीय दिशा-निर्देशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।प्रशिक्षण के दौरान संदर्भदाताओं ने प्रधानाध्यापकों के कार्यक्षेत्रों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। इसमें शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य, सामुदायिक सहभागिता, वित्तीय प्रबंधन, पीएम पोषण योजना, आईसीटी के प्रयोग, इंस्पायर अवार्ड के पंजीकरण, राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा के आवेदन तथा स्वच्छ विद्यालय पंजीकरण आदि विषय शामिल रहे। इसके अलावा सक्रिय श्रवण, तनाव एवं तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को विद्यालय संचालन में प्रभावी नेतृत्व करते हुए समर्थ प्रधानाध्यापक की भूमिका निभाने पर बल दिया गया। प्रशिक्षण में फरहत हुसैन, प्रभाकर सक्सेना, प्रभात कुमार, आमिर फारूक, राजवीर सिंह, राजीव जौहरी, अजीत रस्तोगी और अनुज सक्सेना ने संदर्भदाता की भूमिका निभाई। इस अवसर पर नंद किशोर पाठक, रोहित सक्सेना, ममता चौधरी, राजेश सक्सेना, प्रवीण कुमार, राजीव भटनागर, संजय पराशर, मोहम्मद जीशान, पंकज वर्मा, सोमेंद्र सिंह, दानवीर सिंह, अजरा परवीन आदि मौजूद रहे। प्रशिक्षण में जनपद के सभी विकास क्षेत्रों से आए कुल 116 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।