जुड़वा पिता, एक पत्नी, प्रेम विवाह और फिर हत्या! अर्चना हत्याकांड में दोनों जुड़वा पिता समेत चार को उम्रकैद
बदायूं। दातागंज में प्रेम विवाह, पारिवारिक विरोध, ऑनर किलिंग और फिर अदालत से उम्रकैद की सजा… लेकिन इस हत्याकांड की कहानी इसलिए और भी चर्चित है क्योंकि इसमें दोषी ठहराए गए मृतका के दोनों पिता जुड़वा भाई हैं। दोनों की एक ही शक्ल-कद-काठी, एक ही पत्नी के साथ जीवन और ऐसी अनोखी जीवनशैली रही है कि उनकी कहानी पर तमिल भाषा में फिल्म तक बनाई जा चुकी है। अब करीब पांच साल पुराने अर्चना हत्याकांड में अदालत ने दोनों जुड़वा पिता चंद्रपाल और कुंवरपाल के साथ मृतका के भाइयों रवित कुमार और पुष्पेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।दातागंज थाना क्षेत्र में जुलाई 2021 में हुई इस वारदात में अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू की अदालत ने चारों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने चारों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं चाकू बरामदगी के मामले में दोषी रवित कुमार पर एक हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।मामले की शुरुआत बरेली निवासी देवेंद्र सिंह उर्फ हैप्पी और पलिया गूजर निवासी अर्चना की प्रेम कहानी से हुई थी। देवेंद्र बरेली के रहने वाले थे और उनकी ननिहाल पलिया गूजर में थी। गांव में आने-जाने के दौरान उनकी अर्चना से मुलाकात हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। अर्चना बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। परिवार की नाराजगी और पाबंदी के बाद अर्चना देवेंद्र के साथ बरेली चली गई और दोनों ने आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया।प्रेम विवाह के बाद अर्चना के परिवार की नाराजगी और बढ़ गई। देवेंद्र और उसके भाइयों के खिलाफ दातागंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद देवेंद्र ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में 28 जुलाई 2021 को अर्चना का बयान दर्ज कराने के लिए देवेंद्र और अर्चना दातागंज थाने जा रहे थे। आरोप है कि थाने से पहले सड़क पर रवित कुमार, पुष्पेंद्र, चंद्रपाल और कुंवरपाल ने उनकी गाड़ी रोक ली।
आरोप के मुताबिक इसी दौरान अर्चना पर हमला किया गया और रवित कुमार ने अन्य आरोपियों के सहयोग से चाकू से उसके गले पर वार कर दिया। अर्चना गंभीर रूप से घायल हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने रवित कुमार और पुष्पेंद्र को चाकू समेत पकड़ लिया, जबकि अन्य आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस की मदद से अर्चना को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद चारों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। जुड़वा पिता की कहानी ने इस हत्याकांड को बना दिया अलग मामले में दोषी ठहराए गए चंद्रपाल और कुंवरपाल जुड़वा भाई हैं। दोनों की शक्ल, कद-काठी और पहनावे में इतनी समानता बताई जाती रही है कि उनकी पहचान और जीवनशैली लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। खास बात यह है कि दोनों भाइयों ने एक ही महिला से शादी की थी और उसी महिला से अर्चना का जन्म हुआ था। बताया जाता है कि दोनों भाई एक-दूसरे से अलग रहना पसंद नहीं करते थे और उनके दैनिक जीवन की कई गतिविधियां भी साथ होती थीं।राजनीति से भी जुड़ा रहा परिवार चंद्रपाल और कुंवरपाल राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं और कांग्रेस के पूर्व जिला महामंत्री रह चुके हैं। उनके परिवार की राजनीतिक सक्रियता भी चर्चा में रही। दोनों की पत्नी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुकी हैं। वहीं मृतका के भाई रवित कुमार के बारे में भी प्रधान पद का चुनाव लड़ने की जानकारी सामने आई है। इस तरह प्रेम विवाह और हत्या के इस मामले के साथ परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि ने भी इसे स्थानीय स्तर पर चर्चित बनाए रखा।
जुड़वा भाइयों पर बन चुकी है तमिल फिल्म चंद्रपाल और कुंवरपाल की जुड़वा होने की अनोखी कहानी सिर्फ स्थानीय चर्चा तक सीमित नहीं रही। दोनों भाइयों की असाधारण समानता और एक ही महिला के साथ जीवन बिताने की कहानी पर तमिल भाषा में फिल्म भी बन चुकी है। दोनों के बारे में बताया जाता रहा है कि वे एक जैसे कपड़े पहनते थे और लंबे समय तक साथ-साथ रहने की उनकी आदत ने लोगों का ध्यान खींचा। सरकारी वकील संजीव कुमार के मुताबिक अर्चना और देवेंद्र हाईकोर्ट का आदेश लेकर 28 जुलाई 2021 को दातागंज थाने में बयान दर्ज कराने जा रहे थे। थाने से पहले ही चारों आरोपियों ने अर्चना को पकड़ लिया और उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया था। करीब पांच साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
















































































