बदायूँ: 07 सितंबर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा 09, 10 एवं 11 सितंबर 2026 को लघु प्रकृति के आपराधिक वादों के निस्तारण हेतु विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 12 सितंबर 2026, द्वितीय शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत एवं आर्बिट्रेशन से संबंधित विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सभी वादकारियों से अपील की गई है कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने वादों का शीघ्र, सुलभ एवं सक्षम न्याय प्राप्त करते हुए आपसी सुलह-समझौते के आधार पर अंतिम निर्णय करा सकते हैं। मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा संचालित राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 का आयोजन 01 अगस्त 2026 से 30 दिसंबर 2026 तक किया जा रहा है। राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु शमनीय वाद, वैवाहिक वाद, बिजली चोरी के वाद, बैंक ऋण वसूली वाद, चेक बाउंस से संबंधित वाद तथा वाहन चालान से संबंधित वाद संदर्भित किए जा सकते हैं। इसी प्रकार मध्यस्थता अभियान के अंतर्गत शमनीय वाद, वैवाहिक वाद, उपभोक्ता विवाद, बैंक ऋण वसूली वाद, चेक बाउंस से संबंधित वाद तथा दुर्घटना दावा संबंधित वाद संदर्भित किए जा सकते हैं। लोक अदालत के प्रमुख लाभों के संबंध में बताया गया कि पक्षकारों के मध्य आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विवाद का निस्तारण किया जाता है। लोक अदालत में वाद के निस्तारण हेतु किसी भी प्रकार का शुल्क देय नहीं होता तथा देय न्यायालय शुल्क वापस कर दिया जाता है। लोक अदालत में पारित निर्णय के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा सभी संबंधित वादकारियों से अपील की गई है कि वे लोक अदालत एवं मध्यस्थता अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से अपने वादों का निस्तारण कराएं।