बदायूं। मदर एथीना स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार ‘कम्प्यूटेशनल थिंकिंग’ एवं ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीक, तार्किक चिंतन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना रहा। इसमें जिले के 15 अलग-अलग विद्यालयों के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला की एप्रीसिएशन कमेटी में विशेषज्ञ के रूप में एसआरएमएस बरेली के एआई एक्सपर्ट डॉ. अंकुर कुमार, ब्लूमिंग फ्लावर स्कूल बिसौली के प्रधानाचार्य अनिल कुमार शर्मा तथा अल हफीज एजूकेशनल अकादमी सहसवान की प्रधानाचार्या निशात फारूकी को आमंत्रित किया गया। विशेषज्ञों ने शिक्षकों को कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की उपयोगिता समझाते हुए बताया कि किस प्रकार किसी जटिल समस्या को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर उसका सरलता से समाधान किया जा सकता है। कार्यशाला में दैनिक जीवन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव, मशीन लर्निंग, कोडिंग तथा भविष्य में एआई के माध्यम से उपलब्ध होने वाले नए अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यशाला का आयोजन उझानी स्थित एपीएस इंटरनेशनल स्कूल में भी किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका चयनिका सारस्वत ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें 21वीं सदी के आवश्यक कौशल, जैसे क्रिटिकल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साक्षरता से जोड़ना है। इसी उद्देश्य से शिक्षकों को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे विद्यार्थियों के ज्ञान को अधिक प्रभावशाली और व्यावहारिक बना सकें।