गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार थार के पलटने से बदायूँ के दो सगे भाई समेत चार युवकों की मौत, एक घायल
बदायूं। रक्षाबंधन पर बहन से राखी बंधवाकर दिल्ली लौट रहे दो सगे भाइयों समेत चार युवकों की हापुड़ में हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। रविवार देर रात गंगा एक्सप्रेसवे पर सिंभावली थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार थार अनियंत्रित होकर कई बार पलट गई। हादसे में वाहन सवार चार युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर बदायूं पहुंचते ही उघैती थाना क्षेत्र के गांव मेवली समेत तीन गांवों में मातम छा गया।
मृतकों में उघैती थाना क्षेत्र के गांव मेवली निवासी सगे भाई सुखबीर (25) और जसवंत (20) शामिल हैं। दोनों दिल्ली के अलीपुर क्षेत्र स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करते थे। हादसे में पालपुर निवासी जोगिंदर (26) और पुरदलपुर निवासी रवि (20) की भी मौत हुई है। पालपुर निवासी विष्णु (17) घायल है और उसका उपचार चल रहा है।
बताया गया कि हादसा रविवार रात करीब 11:56 बजे हुआ। थार की रफ्तार करीब 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर डगमगाया और कई बार पलटते हुए सड़क किनारे जा पहुंचा। हादसा इतना भीषण था कि थार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार युवक वाहन के अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सुखबीर, जसवंत, जोगिंदर और रवि को मृत घोषित कर दिया।
राखी बंधवाकर दिल्ली के लिए निकले थे दोनों भाई: सुखबीर और जसवंत रक्षाबंधन का त्योहार मनाने अपने गांव मेवली आए थे। रविवार को दोनों भाइयों ने अपनी बहन आरती से राखी बंधवाई। इसके बाद रात में दिल्ली वापस जाने के लिए घर से निकले थे। परिवार को जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह दोनों भाइयों की आखिरी विदाई होगी। कुछ ही घंटे बाद हादसे की खबर पहुंची तो परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
सुखबीर की करीब तीन वर्ष पहले शादी हुई थी। उसकी करीब डेढ़ वर्ष की बेटी जयप्रवा है। छोटे भाई जसवंत और बहन आरती की अभी शादी नहीं हुई थी। दोनों भाई परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में पिता का हाथ बंटाते थे। उनकी कमाई से परिवार का खर्च चलाने में बड़ी मदद मिलती थी।
पिता पैरालिसिस से पीड़ित, दोनों बेटे थे परिवार का सहारा: परिजनों के मुताबिक सुखबीर और जसवंत के पिता पैरालिसिस से पीड़ित हैं। ऐसे में दोनों बेटों की एक साथ मौत ने परिवार को गहरे सदमे के साथ आर्थिक संकट में भी डाल दिया है। दोनों बेटों के खोने के बाद मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं सुखबीर की मासूम बेटी जयप्रवा के सिर से पिता का साया उठ जाने से गांव का हर व्यक्ति गमगीन है। रक्षाबंधन पर बहन की कलाई पर बांधी गई राखी के धागे अभी सूखे भी नहीं थे कि दोनों भाइयों की मौत की खबर ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।
















































































