बरेली। भाई-बहन के रिश्ते की डोर मजहब की सीमाओं से कहीं ऊपर होती है। बुखारपुर निवासी राखी कश्यप, सुमन कश्यप, पुत्री राज किशोर कश्यप, और शारिक अब्बासी के बीच पिछले 11 वर्षों से भाई-बहन का रिश्ता कायम है। राखी कश्यप और सुमन कश्यप हर वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर शारिक अब्बासी की कलाई पर राखी बांधती हैं। इस मौके पर शारिक अब्बासी ने राखी कश्यप और सुमन कश्यप से राखी बंधवाकर हमेशा उनकी रक्षा, सम्मान और हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बहनों ने जिस विश्वास और स्नेह के साथ उन्हें भाई माना है, उस रिश्ते की जिम्मेदारी निभाना उनका फर्ज है। वह हमेशा अपनी बहनों की रक्षा और सम्मान के लिए उनके साथ खड़े रहेंगे। राखी कश्यप और सुमन कश्यप ने कहा कि पिछले 11 वर्षों से यह रिश्ता पूरी आत्मीयता और विश्वास के साथ कायम है। उनके लिए शारिक अब्बासी केवल राखी बंधवाने वाले भाई नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा हैं। दोनों परिवारों के बीच भी वर्षों से आपसी प्रेम, सम्मान और पारिवारिक मेल-मिलाप बना हुआ है। रक्षाबंधन पर यह रिश्ता समाज में हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की खूबसूरत मिसाल पेश करता है। शारिक अब्बासी ने कहा कि रिश्ते मजहब से नहीं, बल्कि विश्वास और इंसानियत से बनते हैं। राखी का यह पवित्र धागा भाई-बहन के स्नेह के साथ-साथ समाज को आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश भी देता है।