बरेली । शुक्रवार को तदनुसार सावन माह की पूर्णिमा को विगत कई वर्षों से अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा बरेली के तत्वाधान में मनाए जा रहे वैदिक सनातन संस्कृति के श्रेष्ठतम पर्व श्रावणी उपाकर्म का भव्य आयोजन शास्त्रोक्त विधि से पवित्र परशुराम गंगा के पावन तट पर संपन्न हुआ। भगवान परशुराम सेवा ट्रस्ट के संरक्षण,श्रीमती जय देवी संस्कृत विद्यालय रामगंगा,गुरु वशिष्ठ गुरुकुलम करगैना के विद्वान आचार्य ब्रह्मस्वरूप ,आचार्य मुनीश ,आचार्य हिमांशु के मार्गदर्शन में पूजन कार्य का शुभारंभ संकल्प के साथ, ऋषि तर्पण, विभिन्न प्रकार , जैसे भस्म स्नान,मृतिका स्नान,गौमय स्नान,पंचगव्य स्नान,धान्य स्नान,फल रस स्नान,स्वर्ण स्नान,अपामार्ग स्नान,आदि वस्तुओं से स्नान के बाद तर्पण कार्य वैदिक रीति से ऋषि तर्पण,देवता तर्पण,पूर्वजों को जलदान किया गया। अंत में वर्ष भर उपयोग हेतु यज्ञोपवित का मंत्रोच्चारण के माध्यम से अभिमंत्रित कर यज्ञोपवित को बदलकर नए यज्ञोपवीत धारण किए गए तथा आवश्यकतानुसार यज्ञोपवित का वितरण किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सुरेन्द्र पाण्डेय,मुनेंद्र देव मिश्र,रमेश तिवारी,महेश पाठक, ऋषिपाल उपाध्याय, कालीचरण मिश्रा,कथा व्यास रवि , प्रमोद उपाध्याय, दिनेश बाबू शर्मा,कृष्ण औतार गौतम, आचार्य देवेश,आचार्य जितेंद्र, आचार्य निर्दोष, आचार्य अवधेश,आचार्य नमन, आचार्य लवी नारायण,माधव,ठाकुर मुनेंद्र पाल सिंह,ठाकुर आनंद पाल सिंह,पंकज शुक्ला,राम किशोर शर्मा सहित सैकड़ों धर्मावलंबियों ने श्रद्धा पूर्वक भाग लिया।