नकटिया नदी पुनर्जीवन अभियान को मिला जनसमर्थन, हजारों पौधे लगाए
बरेली। नकटिया नदी पुनर्जीवन अभियान के अंतर्गत आज बरेली कैंट में आयोजित व्यापक पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी कार्यक्रम में 1,000 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. तनु जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ ट्रेंचिंग ग्राउंड से हुआ, जहां पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने पर्यावरणीय गतिविधियों का शुभारंभ किया तथा वृहद पौधरोपण अभियान में सहभागिता की। अभियान के दौरान हजारों पौधों का रोपण किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाना तथा स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पर्यावरणीय गतिविधियों एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवकों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।इसके पश्चात धोपेश्वर मंदिर के पीछे नकटिया नदी के तट पर व्यापक नदी सफाई एवं पुनर्जीवन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नदी एवं उसके किनारों से प्लास्टिक, ठोस कचरे तथा अन्य प्रदूषकों को हटाने का कार्य किया गया।
यह कार्यक्रम नकटिया नदी पुनर्जीवन मिशन का हिस्सा है, जिसे नदी को केवल एक दिन की सफाई तक सीमित न रखते हुए दीर्घकालिक एवं समग्र पुनर्जीवन की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत नियमित सफाई, देशज प्रजातियों का पौधरोपण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, वैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं नियोजन, पारिस्थितिकीय हस्तक्षेप तथा जनभागीदारी को प्रमुख आधार बनाया गया है।डॉ. तनु जैन ने कहा कि नकटिया नदी के पुनर्जीवन का उद्देश्य केवल नदी की सफाई करना नहीं, बल्कि नदी के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्स्थापित करना है। आने वाले महीनों में अभियान को निरंतर आगे बढ़ाते हुए विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों को इससे जोड़ा जाएगा।आज की व्यापक जनभागीदारी और हजारों पौधों के रोपण ने नकटिया नदी पुनर्जीवन अभियान को एक महत्वपूर्ण गति प्रदान की है। यह सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि नदी का संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक संकल्प है।नकटिया नदी पुनर्जीवन मिशन का लक्ष्य नकटिया को स्वच्छ, निर्मल, हरी-भरी, स्वस्थ और जीवंत नदी के रूप में विकसित करना तथा बरेली कैंट में पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का एक स्थायी और अनुकरणीय मॉडल स्थापित करना है।
















































































