बरेली। दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में ‘‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’’ कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक, निवेश और उन्नत पशुपालन को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं अपर मुख्य सचिव, पशुपालन एवं दुग्ध विकास तथा दुग्ध आयुक्त सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रतिभाग किया। कार्यशाला में बरेली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल के किसान, पशुपालक, दुग्ध उत्पादक, नंद बाबा दुग्ध मिशन के लाभार्थी, उद्यमी और निवेशक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नवीनतम डेयरी तकनीकों, स्वदेशी उन्नत गोवंश के संवर्धन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपायों तथा सुरक्षित एवं लाभकारी निवेश के बारे में जानकारी दी। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा संचालित नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना और उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने बताया कि डेयरी क्षेत्र में पूंजी निवेश को बढ़ावा देकर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के सफल लाभार्थियों और उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले पशुपालकों एवं दुग्ध उद्यमियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। कई सफल गौ-पालकों ने अपने अनुभव साझा कर अन्य किसानों को प्रेरित किया। इसके अलावा प्रतिष्ठित कंपनियों और निवेशकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर डेयरी क्षेत्र की आधुनिक मशीनों, तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में डेयरी क्षेत्र के विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नई संभावनाओं को बल प्रदान किया।