उझानी-बदांयू ।सावन में कांवड़ यात्रा और आम आवागमन दोनों के लिए उझानी के हाईवे और शहर की सड़कें खतरनाक बन गई हैं। बीती रात उझानी के डा. आफाक तिराहे पर दो सांडों की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। वाहन चालकों की काफी मशक्कत के बाद रास्ता साफ हो सका।स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या सिर्फ हाईवे तक सीमित नहीं है। उझानी शहर की गली-गली में आवारा गोवंशीय पशुओं के झुंड घूमते नजर आते हैं। दिन में बाजार में और रात में सड़कों पर बैठे ये पशु राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं।लगता है नगरपालिका और पशुपालन विभाग इन आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजने के बजाय गली-मोहल्लों में ही छोड़ देते हैं, एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा।उझानी से कछला और आगे बदायूं होते हुए बरेली-मथुरा हाईवे तक भी यही स्थिति है। सांडों और गौवंश के झुंड सड़क पर जमे रहने की शिकायतें आ रही थीं। रात में कम रोशनी के कारण ये पशु अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा कई गुना बढ़ गया है।इस समय हजारों कांवड़िए भी इन्हीं रास्तों से पैदल गुजर रहे हैं। बिना किसी बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत के उन्हें भी इन्हीं आवारा पशुओं के बीच से निकलना पड़ रहा है।नगरवासियों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल पकड़ अभियान चलाकर सभी आवारा पशुओं को गौशाला भेजा जाए। हाईवे और तिराहों पर रिफ्लेक्टर व चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं । रात में गश्त बढ़ाकर कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।लोगों का कहना है कि हर बार हादसे के बाद ही प्रशासन जागता है। अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। नगरपालिका और पशुपालन विभाग की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।