बरेली। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में महिलाएं मासिक धर्म स्वच्छता और गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति पर्याप्त जानकारी नहीं रखतीं। ऐसे में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन रहे हैं।इसी कड़ी में लखौरा गांव में ‘सेहत की पाठशाला’ अभियान के तहत महिलाओं को निःशुल्क सेनेटरी पैड वितरित किए गए। अभियान के दौरान माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल के प्रबंधक डॉ. सौरभ कुमार अग्रवाल ने महिलाओं को बताया कि मासिक धर्म कोई शर्म या संकोच का विषय नहीं, बल्कि एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है। इस दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने नियमित रूप से सेनेटरी पैड का उपयोग करने, समय-समय पर उसे बदलने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के प्रति भी जागरूक करते हुए बताया कि यह महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, लेकिन समय पर जांच, एचपीवी वैक्सीन, नियमित स्क्रीनिंग और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाकर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने बीमारी के शुरुआती लक्षणों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी असामान्य समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की आधारशिला है। प्राइमरी स्कूल की प्रिंसिपल नीता जोशी ने उनका स्वागत किया।